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मुंशी प्रेमचंद्र की 142वीं जयंती पर विभिन्न सामाजिक संगठनों ने भावभीनी श्रद्धांजलि


बेतिया,31 जुलाई (हि.स)। भारत की स्वाधीनता की 75वीं वर्षगांठ आजादी का अमृत महोत्सव वर्ष पर राष्ट्रकवि मुंशी प्रेमचंद्र की 142वीं जन्मदिवस पर आज एक भव्य कार्यक्रम का आयोजन सत्याग्रह रिसर्च फाउंडेशन के सभागार सत्याग्रह भवन में किया गया। इस अवसर पर अंतर्राष्ट्रीय पीस एंबेस्डर सह सचिव सत्याग्रह रिसर्च फाउंडेशन डॉ एजाज अहमद ने कहा कि आज ही के दिन आज से 142 वर्ष पूर्व राष्ट्रकवि मुंशी प्रेमचंद्र का जन्म हुआ था। प्रसिद्ध हिंदी साहित्यकार मुंशी प्रेमचंद्र का कद हिमालय की तरह ऊंचा है एवं उनका लेखन कार्य एक ऐसी विरासत है। जिस पर भारतवर्ष को सदैव नाज रहेगा। प्रसिद्ध हिंदी साहित्यकार मुंशी प्रेमचंद्र की रचनाओं के बिना हिंदी का विकास अधूरा माना जाता है। मुंशी प्रेमचंद एक संवेदनशील लेखक, सचेत नागरिक, कुशल वक्ता और बहुत ही सुलझे हुए संपादक थे। प्रेमचंद की लेखनी इतनी समृद्ध थी कि इससे कई पीढ़ियां प्रभावित हुईं और उन्होंने साहित्य की यथार्थवादी परंपरा की भी नींव रखी। .