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मप्र : गुना की घटना को लेकर शिवराज ने ली आपात बैठक, ग्वालियर आईजी को हटाने के निर्देश


– मुख्यमंत्री ने कहा- दोषियों को किसी भी स्थिति में न छोड़ा जाए

– शहीदों के परिजन को मिलेगी एक-एक करोड़ रुपए की सम्मान निधि और एक शासकीय नौकरी

भोपाल, 14 मई (हि.स.) । मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने शनिवार सुबह मुख्यमंत्री निवास कार्यालय में आपात बैठक बुलाकर गुना जिले में कल मध्य रात्रि पुलिसकर्मियों और शिकारियों के मध्य हुई गोलीबारी की घटना और पुलिसकर्मियों की मृत्यु के संबंध में विस्तार से जानकारी प्राप्त की। मुख्यमंत्री चौहान ने बैठक में निर्देश दिए कि पुलिस द्वारा तत्काल इस घटना के दोषी अपराधियों के विरुद्ध सख्त से सख्त कार्रवाई की जाए। घटना की विस्तृत जांच करवाई जाएगी। मुख्यमंत्री चौहान ने घटना स्थल पर विलम्ब से पहुंचने पुलिस महानिरीक्षक ग्वालियर को दोषी मानते हुए उन्हें हटाने के निर्देश दिए। बैठक में गृह मंत्री डॉ. नरोत्तम मिश्रा उपस्थित थे। पुलिस महानिदेशक सुधीर सक्सेना वर्चुअली शामिल हुए।

मुख्यमंत्री चौहान ने कहा कि इस घटना में शहादत देने वाले तीनों पुलिस के साथी सब इंस्पेक्टर राजकुमार जाटव, आरक्षक नीरज भार्गव और आरक्षक संतराम की शहादत व्यर्थ नहीं जाने दी जाएगी। इन्होंने कर्तव्य की बलिवेदी पर अपने जीवन को न्यौछावर किया है। उन्हें शहीद का दर्जा देकर परिजन को एक-एक करोड़ रुपये की सम्मान निधि दी जाएगी। साथ ही परिवार के एक सदस्य को शासकीय सेवा में लिया जाएगा।

मुख्यमंत्री ने कहा कि ड्यूटी पर तैनात पुलिसकर्मी जो शहीद हुए हैं उनका सम्मानपूर्वक अंतिम संस्कार हो। अंत्येष्टि में मंत्रीगण, जन-प्रतिनिधि और वरिष्ठ पुलिस अधिकारी शामिल हों। उन्होंने कहा कि हमारे पुलिस के मित्रों ने शिकारियों का मुकाबला करते हुए शहादत दी है। इस घटना में दोषी अपराधियों के खिलाफ ऐसी कार्रवाई होगी जो इतिहास में उदाहरण बनेगी। अपराधियों की पहचान हो गई है।

मुख्यमंत्री ने कहा है कि प्रकरण में सख्त कार्रवाई की जाए। यह कार्रवाई उदाहरण बनाना चाहिए। बैठक में मुख्य सचिव इकबाल सिंह बैंस, अपर मुख्य सचिव गृह डॉ. राजेश राजौरा, मुख्यमंत्री के प्रमुख सचिव मनीष रस्तोगी, प्रमुख सचिव जनसंपर्क राघवेंद्र कुमार सिंह, एडीजी आदर्श कटियार और ओएसडी मुख्यमंत्री कार्यालय योगेश चौधरी उपस्थित थे।