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(मन की बात, अपडेट जारी…) गणित के साथ भारतीयों को सबसे ज्यादा सहज होना चाहिए: प्रधानमंत्री


नई दिल्ली, 24 अप्रैल (हि.स.)। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने कहा कि गणित एक ऐसा विषय है, जिसके साथ भारतीयों को सबसे अधिक सहज होना चाहिए। भारतीयों ने गणित में सबसे ज्यादा योगदान दिया है।

प्रधानमंत्री मोदी ने रविवार को मन की बात कार्यक्रम में कहा कि भारतीयों के लिए गणित कभी मुश्किल विषय नहीं रहा, इसका एक बड़ा कारण हमारा वैदिक गणित भी है। उन्होंने कहा कि आपने शून्य की खोज के बारे में तो सुना ही होगा। अगर शून्य की खोज न होती तो शायद विज्ञान में इतनी प्रगति न देख पाते।

प्रधानमंत्री ने पिछले दिनों परीक्षा पे चर्चा के दौरान छात्रों द्वारा गणित की परीक्षा को लेकर डर का उल्लेख करते हुए कहा कि उन्हें इस संबंध में अनेक संदेश भी प्राप्त हुए हैं। आगे उन्होंने कहा कि गणित तो ऐसा विषय है जिसे लेकर हम भारतीयों को सबसे ज्यादा सहज होना चाहिए। आखिर, गणित को लेकर पूरी दुनिया के लिए सबसे ज्यादा शोध और योगदान भारत के लोगों ने ही तो दिया है।

मोदी ने आगे कहा कि शून्य, यानी, जीरो की खोज और उसके महत्व के बारे में आपने खूब सुना होगा। अक्सर आप ये भी सुनते होंगे कि अगर जीरो की खोज न होती, तो शायद हम, दुनिया की इतनी वैज्ञानिक प्रगति भी न देख पाते।

इसी विषय को विस्तार देते हुये आगे उन्होंने कहा कि भारतीयों के लिए गणित कभी मुश्किल विषय नहीं रहा है, इसका एक बड़ा कारण हमारी वैदिक गणित भी है। आधुनिक काल में वैदिक गणित का श्रेय भारती कृष्ण तीर्थ महाराज को जाता है। उन्होंने गणना के प्राचीन तरीकों को परिस्कृत किया और उसे वैदिक गणित नाम दिया।

प्रधानमंत्री ने कहा कि वैदिक गणित की सबसे खास बात यह थी कि इसके जरिए आप कठिन से कठिन गणनाएं पलक झपकते ही मन में ही कर सकते हैं। आज-कल तो सोशल मीडिय पर वैदिक गणित सीखने और सिखाने वाले ऐसे कई युवाओं के वीडियो भी उपलब्ध हैं।

इस दौरान प्रधानमंत्री ने वैदिक गणित सिखाने वाले कोलकाता के गौरव टेकरीवाल से बातचीत की।