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भारत को आत्मनिर्भर बनाने में उद्योग जगत की अहम भूमिका : उपराष्ट्रपति


नई दिल्ली, 20 सितंबर (हि.स.)। उपराष्ट्रपति जगदीप धनखड़ ने मंगलवार को व्यापार और उद्योग जगत के नेताओं से आह्वान किया कि वे भारत के आत्मनिर्भर बनने के मिशन में सक्रिय भूमिका निभाएं। भारतीय उद्योग की क्षमता और दक्षता के बारे में विश्वास व्यक्त करते हुए धनखड़ ने कहा कि ‘भारत नए उद्यम, नए रोजगार, नए निर्यात और विकास संबंधी समस्याओं के नए समाधान बनाकर आर्थिक विकास को गति देने के लिए अपनी उद्यमशीलता की पीढ़ी पर भरोसा कर रहा है।’

नई दिल्ली में अखिल भारतीय प्रबंधन संघ (एआईएमए) के 49वें राष्ट्रीय प्रबंधन सम्मेलन का उद्घाटन करते हुए, उपराष्ट्रपति ने जोर देकर कहा कि उद्योग की कृषि क्षेत्र के गुणात्मक उत्थान को भी उत्प्रेरित करने की महत्वपूर्ण जिम्मेदारी है। उन्होंने कहा कि अगर भारतीय किसान आगे बढ़ता है तो भारत आगे बढ़ता है।

भारत के उद्यमों और कार्यबल को विश्व स्तरीय बनाने के लिए सरकार द्वारा विभिन्न पहलों को रेखांकित करते हुए, उपराष्ट्रपति ने उद्योग को नवीनतम कौशल सेट के साथ कार्यबल को बढ़ावा देने और उन्नत करने की जिम्मेदारी लेने का आह्वान किया।

भारत के स्टार्ट-अप क्षेत्र की दुनिया में सर्वश्रेष्ठ में से एक के रूप में सराहना करते हुए धनखड़ ने कहा कि कैसे छोटे शहरों और ग्रामीण क्षेत्रों में भी डिजिटल उद्यमी दिखाई देने लगे हैं। उन्होंने कहा कि भारत के समृद्ध मानव संसाधनों को विश्व स्तर पर मान्यता प्राप्त है और विश्व स्तर पर भारत के लाभ को अधिकतम करने के लिए उन्हें और अधिक उपयोग करने की आवश्यकता है।

उपराष्ट्रपति ने कहा कि भारत दशक के अंत तक तीन सबसे बड़ी अर्थव्यवस्थाओं में से एक बनने की ओर अग्रसर है और पिछले कुछ वर्षों में सरकार द्वारा किए गए प्रणालीगत सुधारों की एक श्रृंखला ने व्यापार करने में आसानी में सुधार किया है।

यह देखते हुए कि लोकतंत्र और अर्थव्यवस्था कैसे फलती-फूलती है जब एक शासन प्रणाली में प्रत्येक चरण में पारदर्शिता और जवाबदेही परिलक्षित होती है, उन्होंने भारत के गौरवशाली अतीत को फिर से हासिल करने के लिए प्रणाली में दक्षता और प्रतिस्पर्धा में और सुधार करने का आह्वान किया।

उपराष्ट्रपति ने इस अवसर पर भारत के वित्त आयोग के पूर्व अध्यक्ष विजय केलकर, आईआरएस रमन के गर्ग और एआईएमए के पूर्व अध्यक्ष हर्ष पति सिंघानिया को एआईएमए की फैलोशिप प्रदान की। उन्होंने कार्यक्रम के दौरान सम्मेलन के लिए एक स्मारिका का भी विमोचन किया। उन्होंने व्यापार समुदाय को एक साथ लाने और विकास के लिए भारत के लाभों पर ध्यान केंद्रित करने में एआईएमए के प्रयासों की सराहना की।

इस अवसर पर एआईएमए की अध्यक्ष सी के रंगनाथन, एआईएमए की महानिदेशक रेखा सेठी, एआईएमए के उपाध्यक्ष निखिल साहनी और अन्य गणमान्य व्यक्ति उपस्थित थे।