Mon. May 23rd, 2022

भारत के भाल पर स्वाभिमान के जीवंत आकृति हैं भामाशाह : तैलिक वैश्य संघ


बेगूसराय, 23 अप्रैल (हि.स.)। तैलिक वैश्य संघ के तत्वावधान में शनिवार को राष्ट्रभक्त दानवीर भामाशाह की जयंती मनाई गई। तैलिक वैश्य भवन बखरी में आयोजित कार्यक्रम को संबोधित करते हुए भामाशाह विचार मंच के प्रदेश महामंत्री नगर पार्षद सिधेश आर्य ने कहा कि भामाशाह भारत के भाल पर राष्ट्रीय स्वाभिमान की जीवंत आकृति हैं। मेवाड़ सहित भारत भूमि पर विदेशी आक्रांताओं से लोहा लेते हुए महाराणा प्रताप को जब अरावली की पहाड़ियों पर घास की रोटियां खानी पड़ी थी। तब भामाशाह ने राष्ट्र की एकता, अखंडता तथा स्मिता की रक्षा के लिए अपना सर्वस्व न्योछावर कर दिया था। तेली साहु समाज का गौरवशाली इतिहास रहा है, श्रीगुप्त चंद्रगुप्त, विक्रमादित्य, समुद्रगुप्त, स्कंदगुप्त, कुमारगुप्त, रामगुप्त से लेकर भामाशाह तक राष्ट्रपुरुषों की लंबी श्रृंखला है, जिन्होंने राष्ट्र के निर्माण में अपना महती योगदान दिया है। लेकिन, गुलामी के कालखंड में सर्वाधिक यातना और प्रताड़ना का शिकार भी यही समाज हुआ है। राजवंशों के पतन के बाद तेली साहु समाज ने तेल पेराई का परंपरागत व्यवसाय अपनाया, आज यह भी खतरे में है। बिहार की सरकार ने अति पिछड़ा का दर्जा दिया है, लेकिन संख्या के अनुपात में भागीदारी के लिए समाज को संगठित होकर लंबी लड़ाई लड़नी पड़ेगी।

उन्होंने आंध्रप्रदेश के तर्ज पर बिहार में भी पिछड़ा वर्ग आयोग के तहत तेली साहु समाज के परंपरागत व्यवसाय को संरक्षित करते हुए कच्ची घानी बोर्ड का गठन करने तथा 23 अप्रैल को भामाशाह जयंती को राजकीय समारोह का दर्जा प्रदान करने की मांग की। सिधेश आर्य ने कहा कि दानवीर भामाशाह की प्रेरणा से बखरी में समाज के पुरोधाओं ने कुंआ, तालाब, धर्मशाला एवं सनातन संस्कृति की रक्षा के लिए ठाकुरवाड़ी आदि की स्थापना की। भगलू साह ठाकुरवाड़ी इसका जीवंत उदाहरण है। लेकिन यह दुर्भाग्य का विषय है कि समाज के उपरोक्त धरोहरों पर आज भू-माफियाओं की गिद्ध दृष्टि है, समाज एवं प्रशासन को इसका मुंहतोड़ जवाब देना होगा।

कार्यक्रम की अध्यक्षता करते हुए तैलिक वैश्य संघ के अध्यक्ष त्रिपुरारी साह ने समाज से भामाशाह के विचारों से प्रेरणा लेने की बात कही। वहीं, कन्हैयालाल साहु ने कहा कि इतिहास की पुस्तकों में जब तक महाराणा प्रताप की गाथाएं रहेगी, भामाशाह की कृतियां भी उनके साथ ही चलेंगी। कार्यक्रम का संचालन संगठन मंत्री अरविंद कुमार साह ने किया। मौके पर कोषाध्यक्ष भूषण साह, मंत्री विकास कुमार, कार्यसमिति सदस्य पंकज कुमार, नंदकिशोर साह एवं सौरभ साह आदि मौजूद थे।