Wed. Jun 29th, 2022

भारत और बांग्लादेश की नौसेनाओं का द्विपक्षीय नौसैनिक अभ्यास बोंगो सागर शुरू


– दो दिनों के हार्बर चरण के बाद 26-27 मई को बंगाल की उत्तरी खाड़ी में समुद्री चरण होगा

– बंदरगाह चरण के दौरान समुद्र में संचालन पर सामरिक स्तर पर सामूहिक बातचीत हुई

नई दिल्ली, 25 मई (हि.स.)। भारत और बांग्लादेश की नौसेनाओं के बीच द्विपक्षीय अभ्यास ‘बोंगोसागर का तीसरा संस्करण बांग्लादेश के मोंगला बंदरगाह में शुरू हुआ। दो दिनों के हार्बर चरण के बाद 26-27 मई को बंगाल की उत्तरी खाड़ी में समुद्री चरण होगा। इस अभ्यास का उद्देश्य दोनों देशों की नौसेनाओं के बीच समुद्री युद्धक अभ्यासों के दौरान उच्च स्तर की पारस्परिकता तथा संयुक्त परिचालन कौशल को विकसित करना है।

बोंगोसागर अभ्यास में भारत के दो स्वदेशी जहाज निर्देशित मिसाइल कार्वेट कोरा और अपतटीय गश्ती पोत सुमेधा भाग ले रहे हैं। बांग्लादेश की नौसेना का प्रतिनिधित्व गाइडेड मिसाइल फ्रिगेट बीएनएस अबू उबैदाह और अली हैदर कर रहे हैं। बंदरगाह चरण के दौरान समुद्र में संचालन पर सामरिक स्तर की चर्चा हुई। इसके अलावा पेशेवर सामूहिक बातचीत और मैत्रीपूर्ण खेल गतिविधियां भी हुईं। समुद्री चरण के दौरान दोनों नौसेनाओं के जहाज़ों का गहन युद्ध अभ्यास, हथियारों का इस्तेमाल, फायरिंग अभ्यास, नाविक योजना विकास और सामरिक परिदृश्य में समन्वित हवाई संचालन भी होगा।

इससे पहले भारत और बांग्लादेश की नौसेनाओं ने 22-23 मई को बंगाल की उत्तरी खाड़ी में अंतरराष्ट्रीय समुद्री सीमा रेखा (आईएमबीएल) के साथ संयुक्त रूप से गश्त की। दो दिनों तक चली इस पेट्रोलिंग का मकसद अंतरराष्ट्रीय समुद्री खतरों का मुकाबला करने में दोनों नौसेनाओं के बीच आपसी समझ और क्षमता को मजबूत करना था। इस गश्त में भी बांग्लादेश नौसेना के जहाज बीएनएस अली हैदर और बीएनएस अबू उबैदा भारतीय नौसेना के साथ गश्त में शामिल रहे। दोनों नौसेनाओं के समुद्री गश्ती विमानों ने भी समन्वित गश्त में हिस्सा लिया। कार्पेट के नियमित संचालन ने समुद्र में अंतरराष्ट्रीय समुद्री खतरों का मुकाबला करने में दोनों नौसेनाओं के बीच आपसी समझ और बढ़ी हुई अंतर-संचालन क्षमता को मजबूत किया है।