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भाजपा ने करहल विधानसभा क्षेत्र के मतदान में अर्धसैनिक बलों की तैनाती करने की मांग की


-भाजपा उम्मीदवार पर 15 फरवरी की शाम भाजपा उम्मीदवार के काफिले पर हुआ हमला
-करहल से अखिलेश यादव के समक्ष भाजपा के एसपी सिंह बघेल लड़ रहे चुनाव
लखनऊ, 16 फरवरी (हि.स.)। भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) ने करहल में प्रोफेसर एसपी सिंह बघेल के काफिले पर हुए हमले की शिकायत निर्वाचन आयोग से की है। यूपी भाजपा के चुनाव सह प्रभारी व केंद्रीय मंत्री अनुराग ठाकुर, पूर्व प्रदेश अध्यक्ष लक्ष्मीकांत बाजपेई, पार्टी के महासचिव जेपीएस राठौर पार्टी, प्रदेश मंत्री सुभाष यदुवंश ने निर्वाचन उत्तर प्रदेश के मुख्य निर्वाचन अधिकारी से शिकायत करते हुए करहल विधानसभा क्षेत्र के मतदान में अर्धसैनिक बलों की नियुक्ति की करने की मांग की है।

भाजपा ने सभी बूथों पर सीसीटीवी कैमरा लगाने की भी मांग की है। सभी मतदाताओं का परिचय पत्र विधिवत जांच करके ही मतदान करने दिया जाए। करहल विधानसभा क्षेत्र के सभी असामाजिक तत्वों पर निरोधक कार्यवाही की जाए। पूरी विधानसभा में मतदान के एक दिन पूर्व अर्धसैनिक बलों का फ्लैग मार्च कराया जाए। ताकि हिंसा बूथ कैप्चरिंग तथा भय का माहौल समाप्त हो सके। मतदाता निर्भय होकर निष्पक्ष पारदर्शी और सर्वस्पर्शी मतदान कर सकें।

शिकायत पत्र में भाजपा ने कहा कि पार्टी के उम्मीदवार प्रोफेसर एसपी सिंह बघेल करहल निर्वाचन क्षेत्र से चुनाव लड़ रहे हैं। समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष अखिलेश यादव के कहने पर समाजवादी पार्टी के गुंडों ने प्रोफेसर एसपी सिंह बघेल के प्रचार में लगातार हिंसा पूर्वक व्यवधान उत्पन्न कर रहे हैं।

15 फरवरी को चुनाव क्षेत्र में पड़ने वाले पैरार शाहपुर से प्रचार कर लौटते समय ग्राम अतीकउल्लाहपुर के पास शाम को करीब सात बजे प्रोफेसर एसपी सिंह बघेल के काफिले पर हमला हुआ। खेत से लगभग 20 से 25 लोगों ने पूर्व नियोजित योजना के तहत पहले पथराव किया और फिर काफिले को रोककर गाड़ियों पर जान से मारने की नियत से लाठी-डंडे व सरिया से हमला किया। कुछ कार्यकर्ताओं को चोट लगी। प्रोफेसर एसपी सिंह बघेल की जान सुरक्षाकर्मियों की वजह से बाल-बाल बच पाई है।

भाजपा ने आयोग को पहले घटी घटनाओं के बारे में अवगत कराया है। पार्टी ने कहा कि करहल विधानसभा क्षेत्र आरंभ से ही अतिसंवेदनशील रहा है। समाजवादी पार्टी द्वारा मतदाताओं को डरा धमका व हत्या कर बूथों पर कब्जा कर मतदान प्रभावित किया जाता रहा है। साथ ही कमजोर तबके के लोगों को जबरन मतदान से रोक दिया जाता रहा है। फर्जी पहचान पत्र बना कर मतदान को प्रमाणित किया जाता रहा है। वोटिंग मशीनों को तोड़े जाने तथा उसमें पानी डाल देने की घटनाएं भी पहले हो चुकी हैं।
पार्टी ने यह भी कहा कि जब धर्मेंद्र यादव समाजवादी पार्टी से लोकसभा चुनाव लड़ रहे थे उस वक्त 13 अक्टूबर 2004 को मतदान के दिन करहल विधानसभा के तहत पोलिंग बूथ मुकेरिया पर सपा के बाहुबलियों द्वारा भारी हिंसा कर मतदान प्रभावित किया गया था। उसमें एक व्यक्ति की मृत्यु भी हुई थी। हिंसा के कारण ही मैनपुरी लोकसभा चुनाव को चुनाव आयोग ने निरस्त कर दिया था। इसी प्रकार गुन्नौर विधानसभा सीट में मतदान में की गई हिंसा अराजकता के कारण चुनाव निरस्त हो चुका है।
भाजपा ने कहा है कि समाजवादी पार्टी के बाहुबलियों को तथा अपराधिक छवि के लोगों के खिलाफ यदि विधिक कार्यवाही नहीं की गई तो करहल विधानसभा का होने वाला मतदान हिंसा की भेंट चढ़ जाएगा। समाजवादी पार्टी के गुंडे लगातार कमजोर तबके के लोगों को मतदान करने से रोक रहे हैं। आम मतदाताओं को भय बना कर समाजवादी पार्टी के पक्ष में मतदान करने के लिए दबाव बना रहे हैं और अंजाम भुगतने की धमकी दे रहे हैं।
भाजपा ने मांग की है कि करहल विधानसभा क्षेत्र के मतदान में अर्धसैनिक बलों की नियुक्ति की जाए। सभी बूथों पर सीसीटीवी कैमरा लगाया जाए। सभी मतदाताओं का परिचय पत्र विधिवत जांच कर ही मतदान करने दिया जाए। करहल विधानसभा क्षेत्र के सभी असामाजिक तत्वों पर निरोधक कार्यवाही की जाए। पूरी विधानसभा में मतदान के एक दिन पूर्व अर्धसैनिक बलों का फ्लैग मार्च कराया जाए। ताकि हिंसा बूथ कैप्चरिंग तथा भय का माहौल समाप्त हो सके। मतदाता निर्भय होकर निष्पक्ष पारदर्शी तरीके से मतदान कर सकें।