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बायोरेमेडीएशन तकनीक से रखेंगे गंगा को अविरल निर्मल


कानपुर, 12 मई (हि.स.)। गंगा में मिलने वाले पानी के गंदे नालों को किस प्रकार बायोरेमेडीएशन तकनीक से साफ किया जाता है, इस पद्धति के बारे में गंगा टास्क फोर्स ने 17 यूपी एनसीसी बटालियन के गर्ल्स और बॉयस को विस्तारपूर्वक समझाया। गंगा टास्क फोर्स के लेफ्टिनेंट महेंद्र यादव ने अलग-अलग पौधों द्वारा पानी को साफ करने की पद्धति के बारे में बताया कि हम पानी के ऊपर फ्लोट फ्लोटिंग करके उसके ऊपर पौधे लगाकर पानी के ऊपर फ्लोटिंग करते हैं जिस पद्धति को हम फाइटोरीमेडिएशन पद्धति कहते हैं।

लेफ्टिनेंट महेन्द्र यादव ने बताया कि गंगा टास्क फोर्स के जवान सीड्स बाल बनाते हैं और उस सीड्स बाल को उस जगह पर ब्रॉडकास्टिंग करते हैं। जिस जगह पर हम फिजिकली जाकर पौधे नहीं लगा सकते और यह सीड्स बाल उस दिन पौधा तैयार करते हैं। जिस दिन बरसात के पानी की बूंद इनके ऊपर लगेगी, इनमें नमी जाएगी। इनके अंदर उपस्थित बीजों में से एक दिन पौधा निकलकर बड़ा पेड़ बन जाएगा और हमारे पर्यावरण को प्रदूषण मुक्त करेगा। इस गंगा अविरल निर्मल जन जागरूकता अभियान के दौरान एनसीसी के डायरेक्टर जनरल मेजर जनरल संजय पुरी एनसीसी के ग्रुप कमांडर ब्रिगेडियर आर एस दलाल 17 एनसीसी के कमांडिंग ऑफिसर और जवान मौजूद थे। इस मौके पर डायरेक्ट जनरल ने बताया कि सभी छात्रों और छात्राओं को गंगा को हमेशा अविरल और निर्मल रखना है और आप लोग कैंप पूरा करके यहां से बाहर जाए तो पब्लिक को गंगा को साफ रखने का संदेश दें। भारतीय सेना की यह बटालियन कर्नल वेदव्रत विद्या के दिशा निर्देशन पर पिछले तीन साल से लगातार गंगा को अविरल निर्मल करने में लगी हुई है।