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बंगाल की खाड़ी में शुरू हुआ भारत-जापान नौसेना का द्विपक्षीय अभ्यास ‘जिमेक्स’


– पिछले कुछ वर्षों में बढ़ा है भारत एवं जापान के बीच नौसेना सहयोग का दायरा

– जटिल अभ्यासों के माध्यम से दोनों देशों के समुद्री बलों में साझेदारी मजबूत होगी

नई दिल्ली, 13 सितम्बर (हि.स.)। भारत और जापान के बीच राजनयिक संबंधों की 70वीं वर्षगांठ पर बंगाल की खाड़ी में दोनों देशों की नौसेनाओं के बीच जापान-इंडिया मैरीटाइम एक्सरसाइज (जिमेक्स) का छठा संस्करण शुरू हो गया है। जापान मैरीटाइम सेल्फ डिफेंस फोर्स (जेएमएसडीएफ) के जहाजों का नेतृत्व एस्कॉर्ट फ्लोटिला फोर के कमांडर रियर एडमिरल हिरता तोशीयुकी और भारतीय नौसेना के जहाजों का नेतृत्व ईस्टर्न फ्लीट के फ्लैग ऑफिसर कमांडिंग रियर एडमिरल संजय भल्ला कर रहे हैं।

भारतीय नौसेना के जहाजों ने बंगाल की खाड़ी में पहुंचने पर जेएमएसडीएफ जहाज हेलीकॉप्टर वाहक इज़ुमो और निर्देशित मिसाइल विध्वंसक ताकानामी का स्वागत किया। भारतीय नौसेना का प्रतिनिधित्व स्वदेशी रूप से डिजाइन और निर्मित तीन युद्धपोत कर रहे हैं। इनमें बहुउद्देश्यीय स्टील्थ फ्रिगेट सह्याद्री के अलावा पनडुब्बी रोधी युद्धपोत कदमत और कवरत्ती हैं। इसके अतिरिक्त निर्देशित मिसाइल विध्वंसक रणविजय, फ्लीट टैंकर ज्योति, अपतटीय गश्ती पोत सुकन्या, पनडुब्बी, मिग-29के लड़ाकू विमान, लंबी दूरी की समुद्री गश्ती विमान और समुद्री हेलीकॉप्टर भी अभ्यास में भाग ले रहे हैं।

मैरीटाइम एक्सरसाइज ‘जिमेक्स’ दो चरणों में होगा, जिसमें समुद्र में अभ्यास और विशाखापत्तनम में बंदरगाह चरण भी शामिल है। यह संस्करण ‘जिमेक्स’ की 10वीं वर्षगांठ का प्रतीक है, जिसकी शुरुआत 2012 में जापान में हुई थी। यह भारत और जापान के बीच राजनयिक संबंधों की स्थापना की 70वीं वर्षगांठ के साथ भी मेल खाता है। अभ्यास के दौरान सतह, उप-सतह और वायु डोमेन में जटिल अभ्यासों के माध्यम से दोनों देशों के समुद्री बलों के बीच साझेदारी मजबूत होगी।

द्विपक्षीय सामुद्रिक अभ्यास ‘जिमेक्स’ का उद्देश्य समुद्री अभियानों के समस्त आयामों में अनेक उन्नत अभ्यासों के संचालन के माध्यम से अभियानगत प्रक्रियाओं की सामान्य समझ विकसित करना और अंतर-संचालन क्षमता को बढ़ाना है। हथियारों से फायरिंग, क्रॉस-डेक हेलीकॉप्टर संचालन और कॉम्प्लेक्स सरफेस, पनडुब्बी रोधी तथा एयर वॉरफेयर अभ्यास से जुड़े बहुआयामी सामरिक युद्धाभ्यास दोनों नौसेनाओं के समन्वय को मजबूत करेंगे। पिछले कुछ वर्षों में भारत एवं जापान के बीच नौसेना सहयोग का दायरा बढ़ा है।