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फ्लाइट में कृपाण ले जाने की इजाजत के खिलाफ याचिका पर नोटिस


नई दिल्ली, 18 अगस्त (हि.स.)। दिल्ली हाई कोर्ट ने घरेलू टर्मिनलों से संचालित होने वाली भारतीय उड़ानों और एयरपोर्ट पर तैनात सिख कर्मचारियों को तय सीमा की कृपाण ले जाने की इजाजत के खिलाफ दायर याचिका पर सुनवाई करते हुए नागर विमानन मंत्रालय, गृह मंत्रालय, नागरिक विमानन महानिदेशक और ब्यूरो ऑफ सिविल एविएशन सिक्योरिटी को नोटिस जारी किया है। चीफ जस्टिस सतीश चंद्र शर्मा की अध्यक्षता वाली बेंच ने आठ हफ्ते में जवाब दाखिल करने का निर्देश दिया।

एक ऐसी ही याचिका सुप्रीम कोर्ट में भी दायर की गई थी, जिसे सुप्रीम कोर्ट ने सुनने से इनकार कर दिया था।सुप्रीम कोर्ट ने याचिकाकर्ता को दिल्ली हाई कोर्ट जाने को कहा था। सुप्रीम कोर्ट में याचिका हिंदू सेना ने दायर की थी। याचिकाकर्ता की ओर से वकील अंकुर यादव ने कहा था कि इस तरह की अनुमति हवाई यात्रा करने वालों के लिए खतरे की वजह बन सकता है।

याचिका में ब्यूरो ऑफ सिविल एविएशन सिक्योरिटी के 4 मार्च और 12 मार्च के आदेश को चुनौती दी गई थी। याचिका में कहा गया था कि ये आदेश हवाई यात्रा की सुरक्षा में सेंध लगाने के समान है। इस आदेश में कहा गया है कि कृपाण की कुल लंबाई 9 इंच से ज्यादा नहीं होनी चाहिए। आदेश में कहा गया है कि कृपाण के ब्लेड की कुल लंबाई 6 इंच से अधिक नहीं होनी चाहिए।