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(फॉलोअप) इंदौरः भीषण अग्निकांड में सात लोगों की मौत, मामले की जांच शुरू


-कुछ ने कूदकर बचाई जान, रहवासियों और फायर ब्रिगेड ने रेस्क्यू कर कुछ को बचाया

इंदौर, 07 मई (हि.स.)। शहर के विजय नगर थाना क्षेत्र स्थित स्वर्णबाग कॉलोनी में शुक्रवार-शनिवार की दरमियानी रात करीब तीन बजे हुए भीषण अग्निकांड में दंपति सहित सात लोगों की मौत हो गई। रहवासी बिल्डिंग में लगी आग के बाद कुछ लोगों ने जहां कूदकर अपनी जान बचाई वहीं कुछ को रहवासियों और फायर ब्रिगेड की टीम ने रेस्क्यू कर बचाया। पार्किंग में लगी आग ने तल मंजिल को अपनी चपेट में लिया, इसके बाद आग दूसरी मंजिल तक भी पहुंच गई और तीसरी मंजिल पर भी धुआं भर गया था। हादसे में पांच लोग घायल हुए हैं। घटना की जानकारी मिलते ही कलेक्टर मनीष सिंह ने तुरंत संबंधित विभाग के अफसरों को मौके पर भेजा, जो आग लगने के कारणों की जांच कर रहे हैं। कलेक्टर एमवाय अस्पताल में घायलों से मिलने भी पहुंचे।

विजय नगर स्थित स्वर्णबाग कॉलोनी में पार्किंग में लगी आग तीन मंजिला मकान की निचली मंजिल तक पहुंच गई और आग ने कुछ ही देर में विकराल रूप धारण कर लिया। सूचना मिलने पर दमकल की गाड़ियां भी मौके पर पहुंची लेकिन गाड़ियां इतनी देर में आग ने विकराल रूप धारण कर लिया और बिल्डिंग आग का गोला बन गई थी, इस आग में जलने के कारण एक महिला और 6 पुरुषों की मौत हो गई।

हादसे में मृतकों के नाम ईश्वरसिंह (45) पुत्र लालसिंह सिसौदिया, उनकी पत्नी नीतूसिंह (45), आशीष (30) निवासी झांसी, आकांक्षा (25) निवासी देवास और गौरव (39) है, जबकि अन्य मृतकों की शिनाख्त नहीं हो सकी है। इसके अलावा हादसे में विनोद (30) पुत्र गोपी सोलंकी, मुनिरा (25) पुत्र अब्दुल मलिक, तुषार प्रजापति (30) पुत्र कमल, अरशद (22) पुत्र रईस खान, सोनाली पंवार (21) पुत्र मनीष घायल हो गए हैं। घायलों का एमवाय अस्पताल में इलाज चल रहा है।

पहले वाहनों में लगी आगः घटनाक्रम रात तीन बजे के लगभग हुआ, जब इमारत की पार्किंग में खड़ी कार में आग लग गई। इस आग के चलते पार्किंग में खड़े अन्य वाहनों ने आग पकड़ ली, जिसका धुआं ऊपर कमरों में पहुंचना शुरू हो गया।

खिड़िकियों को तोड़कर बाहर निकालाः जब लोगों के फ्लैट्स में धुआं पहुंचा तो रहवासियों की नींद खुली। हड़बड़ी में कुछ लोग नीचे भागे और लपटों में घिर गए। उन्हें बचने का मौका ही नहीं मिल पाया और वह सीढ़ियों पर फंसे रह गए। हड़कंप मचते ही रहवासी और आस-पड़ोस के लोग जागे और आग बुझाने व फंसे लोगों को बचाने का सिलसिला शुरू हुआ। इस दौरान कुछ लोग जान बचाने के लिए छत पर भागे लेकिन छत तक पहुंच नहीं सके। आसपास के लोगों ने घरों की खिड़कियों को तोड़कर कई लोगों को बाहर निकाला।

शार्ट-सर्किट की आशंकाः प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार रात में ढाई से तीन बजे के आसपास इलाके में पावर कट हुआ था। कुछ देर बाद जब बिजली आई तो वोल्टेज ज्यादा था। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार इसके चलते मीटर में शॉर्ट सर्किट हुआ और नीचे खड़ी गाड़ियों में आग लग गई। देखते ही देखते आग ने कई गाड़ियों को अपनी चपेट में ले लिया।

12 दो पहिया और कार खाकः पार्किग में 12 दोपहिया वाहन खड़े थे। इसके साथ ही मकान मालिक की एक कार भी वहां रखी थी। वाहनों में भरे ईंधन की वजह से आग तेजी से फैल गई। फायर एसपी आरएस निगवाल ने बताया कि आग के चलते गाड़ियों में विस्फोट हुआ, जिससे वाहनों में भरा ईंधन फैल गया। इसकी वजह से आग बेकाबू होती चली गई।

सिटी बस डिपो में करता था कामः इस हादसे में मारे गए गौरव के बारे में पता चला है कि वह यहां किराये का मकान लेकर रहता था। उसके बारे में पता चला है कि वह सिटी बस डिपो में काम करता था। उसके परिवार के बारे में पुलिस जानकारी निकाल रही है।

शेयर का काम करता थाः आशीष के परिवार और दोस्त भी हादसे की सूचना पर एमवाय अस्पताल पहुंच गए। उन्होंने बताया कि आशीष शेयर बाजार का काम करता था। उसके साथ उसकी दोस्त आकांक्षा भी थी। दोनों इस हादसे में गंभीर रूप से झुलस गए और उनकी मौत हो गई। उसके झांसी में परिवार को इस बारे में बताया गया है। वह भी इंदौर के लिए निकले हैं।

सीपी, डीसीपी पहुंचेः हादसे की सूचना पर कमिश्नर हरिनारायण चारी मिश्र, डीसीपी संपत उपाध्याय और पुलिस के अन्य अधिकारी मौके पर पहुंचे। पुलिस ने पूछताछ के बाद मकान मालिक इसहाक खान पुत्र इरशाद पटेल के खिलाफ पुलिस जांच कर रही है। जांच के बाद उसके खिलाफ गैर इरादतन हत्या का मुकदमा भी दर्ज किया जा सकता है। डीसीपी उपाध्याय ने बताया कि इस हादसे में मकान मालिक से पूछताछ की जा रही है।

मुख्यमंत्री ने दिए जांच के आदेशः स्वर्णबाग कॉलोनी में हुए हादसे की जानकारी के बाद मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने ट्वीट कर लिखा- इंदौर में आग लगने की घटना में मौत की खबर अत्यंत ह्रदय विदारक है। मैंने इसकी जांच के आदेश दे दिए हैं। जिसकी भी लापरवाही सामने आएगी, उसके खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी। मृतकों के परिजन को 4-4 लाख रुपये दिए जाएंगे।

मकान बन रहा, इसलिए सामने कमरा लियाः हादसे में जिस ईश्वर सिंह सिसोदिया की मौत हुई है, वह एक निजी कंपनी में सुपरवाइजर के तौर पर काम करते थे। उनका घर सामने ही है। उनके बच्चे नहीं हैं। घर की दो मंजिलों पर काम चल रहा है। इसके चलते सामने किराए पर घर लिया था। घर का काम भी खत्म होने जा रहा था। इसी के चलते वहां पर शिफ्ट होने जा रहे थे। यह हादसा हो गया और उनकी मौत हो गई।

10 फ्लैट में से तीन खालीः इस तीन मंजिला इमारत में 10 फ्लैट हैं। ग्राउंड फ्लोर पर दो फ्लैट हैं। इसके बाद दोनों मंजिलों पर चार फ्लैट हैं। इनमें से तीन फ्लैट खाली थे, जबकि बाकी के घरों में लोग रह रहे थे। हादसे के वक्त करीब 16 लोगों के वहां पर होने की बात सामने आ रही है। जिसमें से सात की मौत हो गई।

दो घायलों को वापस बुलायाः इस हादसे में दो घायल प्राथमिक उपचार के बाद एमवाय अस्पताल से रवाना हो गए थे। इसकी सूचना पर प्रशासनिक अधिकारियों को इस बारे में जानकारी मिली तो उनसे संपर्क किया और वापस इलाज के लिए अस्पताल बुलाया गया।

घायलों से मिलने पहुंचे मंत्रीः जल संसाधन मंत्री तुलसीराम सिलावट एमवाय हॉस्पिटल पहुंचे। वहां उन्होंने घायलों से मुलाक़ात की और उन्हें बेहतर से बेहतर चिकित्सा देने के लिए डॉक्टरों को निर्देश दिए। चर्चा में मंत्री सिलावट ने कहा के दुर्घटना की जांच के निर्देश प्रशासन को दिए गए हैं।

कलेक्टर एमवाय अस्पताल में घायलों से मिलने पहुंचेः घटना की जानकारी लगते ही कलेक्टर मनीष सिंह एमवाय अस्पताल पहुंचे, जहां उन्होंने पांच घायल हुए लोगों के हाल जाने। सभी से व्यक्तिगत बात करने के बाद समझने का प्रयास किया कि घटना कैसे हुई और वे कैसे बचे। घायलों से मिलने के बाद उन्होंने बिजली विभाग, नगर निगम, पुलिस और पीडब्ल्यूडी अफसरों को मौके पर जांच के लिए भेजा। ये टीम पता लगाएगी कि बिल्डिंग में आग लगने के कारण क्या थे? आग बिजली के शॉर्ट सर्किट से हुई या कार में सर्किट होने की वजह से लगी। हादसे का कारण सामने के बाद सभी मृतकों के परिजन को 4-4 लाख रुपये का मुआवजा दिया जाएगा। वहीं, घायलों को भी मदद की जाएगी। इधर, पुलिस ने गैर इरादतन हत्या का मुकदमा दर्ज किया है।

अवैध निर्माण की होगी जांचः अग्निकांड के बाद में कलेक्टर सिंह ने बिल्डिंग में अवैध निर्माण को लेकर जांच कराने की बात कही है। इस मामले में नगर निगम बिल्डिंग परमिशन के अपर आयुक्त संदीप सोनी का कहना है कि मामले में कलेक्टर के निर्देश का पालन किया जाएगा। जांच कराई जा रही है जिसके बाद आगामी कार्रवाई की जाएगी।