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फर्जी आयुष्मान कार्ड बनवाकर सरकार को चूना लगाने वाले चार आरोपित गिरफ्तार


हार्ट सेंटर के प्रमुख के साथ ई-मित्र, सुपरवाईजर और नर्सिंग कर्मी गिरफ्तार
फरीदाबाद, 17 फरवरी (हि.स.)। सरकारी बादशाह खान अस्पताल में मरीज का फर्जी आयुष्मान कार्ड बनाकर हार्ट सेंटर व सरकारी राजस्व के गबन मामले में हार्ट सेंटर के प्रमुख सहित मामले में संलिप्त 4 आरोपितों को गिरफ्तार करने में कामयाबी हासिल की है।
गिरफ्तार आरोपित अशोक बल्लबगढ़ के मलेरना गांव हाल करियप्पा विहार बेस हास्पिटल दिल्ली, मानसिंह पलवल के गांव सोलहडा हाल बसेल्वा कॉलोनी ओल्ड फरीदाबाद, कपिल फरीदाबाद के एनआईटी की डबुआ कॉलोनी और आरोपित नरेश कुमार राजस्थान के कोटा के विज्ञान नगर हाल नहेरु ग्रउण्ड एनआईटी फरीदाबाद में रहता है।
हार्ट सेंटर के उत्तर भारत के सीओओ प्रवीण कुमार ने 27 अगस्त, 2020 एसजीएम नगर थाने में हार्ट सेंटर के इंचार्ज मानसिंह , सुपरवाइजर कपिल, आयुष्मान मित्र अशोक कुमार और लैब में कार्यरत नर्सिंग कर्मी नरेश के खिलाफ साठ-गांठ कर मरीज नरेश कुमार शर्मा से फर्जी तरीके से 95,000 रुपए हड़पने का मुकदमा थाना एसजीएम नगर में दर्ज कराया था। इसकी पुलिस द्वारा जांच की जा रही है। पुलिस प्रवक्ता सूबे सिंह ने बताया कि आरोपित मरीज से प्राइवेट इलाज के रुपये लेकर फिर आयुष्मान कार्ड की फाइल आरोपित अशोक की आईडी से बनाकर सरकार से पैसे हड़पते थे। चारों आरोपितों को फरीदाबाद के सेक्टर-12 से गिरफ्तार किया गया है। आरोपित अशोक को 15 फरवरी को गिरफ्तार किया गया था जबकि अन्य तीन आरोपितों को 16 फरवरी को गिरफ्तार किया गया। पुलिस ने आरोपितों को अदालत में पेश कर दो दिन के रिमांड पर लिया। आरोपित अशोक का रिमांड पूरा होने पर गुरुवार को नीमका जेल भेज दिया गया है। अन्य आरोपितों से पूछताछ जारी है।

आरोपितों ने हृदय रोगियों के फर्जी आयुष्मान कार्ड बनाए और सरकारी राजस्व से पैसे हड़प लिये। हार्ट सेंटर के सीओओ ने पुलिस को 60 मरीजों की सूची दी है। मरीज नरेश ने पुलिस टीम ई.ओ.डब्ल्यू. को बताया कि आयुष्मान कार्ड के तहत उसका इलाज कभी नहीं हुआ है। आरोपितों ने इलाज की फाइल पर कैश काट कर आयुष्मान भारत लिख दिया और आयुष्मान कार्ड पर मरीज नरेश का फर्जी पता लिखकर फाइल तैयार कर ली। पुलिस जांच में यह बात सामने आई है कि हार्ट सेंटर में इलाज करवाने आए मरीज से आरोपितों ने कैश जमा करवा लिया और उसका फर्जी आयुष्मान कार्ड बनाकर बिल भुगतान की मंजूरी के लिए सरकार को भेज दिया। मरीज से 95 हजार रुपये भी हड़प लिये और हार्ट सेंटर को भी भुगतान नहीं किया। आयुष्मान योजना का दुरुपयोग कर कितने फर्जी बिल पास करवाए गए हैं? इसकी छानबीन की जा रही है। आरोपित अशोक को आज अदालत में पेश कर जेल भेज दिया गया है।