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प्रधानमंत्री के नेतृत्व में असम में शांति और विकास को बरकरार रखेंगेः मुख्यमंत्री


कार्बी आंगलोंग, 28 अप्रैल (हि.स.)। मुख्यमंत्री डॉ. हिमंत बिस्व सरमा ने गुरुवार को प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की उपस्थिति में कार्बी आंग्लांग जिला मुख्यालय डिफू में आयोजित ‘शांति, एकता और विकास रैली’ को संबोधित करते हुए असम राज्य में शांति और विकास की जमकर सराहना की। उन्होंने कहा कि आज मैं इस ऐतिहासिक अवसर पर प्रधानमंत्री को यह आश्वासन देना चाहता हूं कि हम सब मिलकर शांति और विकास को बरकरार रखेंगे।

मुख्यमंत्री ने आगे कहा कि कार्बी इतिहास के लिए आज ऐतिहासिक दिन है। लंबे समय बाद कार्बी की धरती पर प्रधानमंत्री का आगमन हुआ। यहां की रंगबिरंगी लोक संस्कृति है। प्रधानमंत्री के आगमन से एक नई ऊर्जा का संचार हुआ है।

डॉ. भूपेन हजारिका की एक रचना का उल्लेख करते हुए प्रधानमंत्री का मुख्यमंत्री ने स्वागत किया। उन्होंने कहा कि भारत सरकार और असम सरकार के सहयोग से कार्बी आंगलोंग के छह विद्रोही संगठनों के साथ प्रधानमंत्री के नेतृत्व में गत सितम्बर माह में शांति समझौता हुआ था। आज प्रधानमंत्री शांति और विकास के समावेश में शामिल हुए हैं। प्रधानमंत्री मोदी ने 220 करोड़ रुपये की लागत से मांजा में एक पशु चिकित्सा महाविद्यालय, 200 करोड़ रुपये की लागत से पश्चिम कार्बी आंगलोंग में कृषि महाविद्यालय और पश्चिम कार्बी आंगलोंग में 42 करोड़ रुपये की लागत से सरकारी महाविद्यालय का शिलान्यास किया। यह इस क्षेत्र के लिए बड़ी उपलब्धि है।

उन्होंने कहा कि 2014 से कार्बी आंगलोंग में विकास के लिए राज्य सरकार काम कर रही है जिसमें डिफू मेडिकल कॉलेज, कार्बी आंगलोंग स्टेट यूनिवर्सिटी, कार्बी आंगलोंग में नया हवाई अड्डा आदि का सपना कार्बी शांति समझौते के तहत होने जा रहा है। आज का दिन हमारे लिए महत्वपूर्ण है। कार्बी आंगलोंग के इतिहास में इसे याद रखा जाएगा।

उन्होंने कहा कि आजादी के 75वीं वर्षगांठ के तहत असम सरकार ने राज्य के प्रत्येक जिलों में 75 तालाब बनाने का निर्णय लिया है। प्रधानमंत्री इस कार्यक्रम का शुभारंभ करेंगे। यह राष्ट्र को समर्पित एक महत्वपूर्ण कार्य है। इस योजना के तहत असम में 3 हजार के आसपास अमृत सरोवर बनाया जाएगा। प्रत्येक सरवोर को एक वर्ग भूमि हेक्टेयर में बनाया जाएगा। इससे पर्याप्त पानी और मत्स्य पालन होगा। वृक्षारोपण से पर्यावरण भी सुरक्षित होगा। पंचायत एवं ग्रामीण विभाग, एमजीएनरेगा, असम सरकार की समग्र विकास योजना तीनों को एक स्थान पर लाकर अमृत सरवोर का विकास किया जाएगा। उन्होंने कहा कि मैं प्रधानमंत्री को यह आश्वासन देना चाहता हूं कि कार्बी और असम की जनता को आपने जो शांति दिया है, उसे हम मिलकर बरकरार रखेंगे।

उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री ने 2014 के बाद त्रिपुरा में ब्रू, असम के बोड़ो, एनएलएफटी और कार्बी समझौता किया। इसके अलावा असम के 60 प्रतिशत हिस्से से अफ्सपा को भी वापस ले लिया, इससे असम विकास के रास्ते पर तेजी से आगे बढ़ रहा है। मुख्यमंत्री ने अपने संबोधन का समापन प्रसिद्ध साहित्यकार रंगबंग तेरांग की कविता पढ़कर किया।

कार्यक्रम में असम के राज्यपाल प्रो. जगदीश मुखी, कार्बी आंग्लांग स्वायत्त परिषद के सीईएम डॉ. तुलीराम रांगहांग, असम सरकार के मंत्री पीयूष हजारिका, मंत्री जोगेन महन, कार्बी समाज के राजा राम सिंह रांगहांग के साथ ही कई मंत्री, विधायक, सांसद एवं लाखों आम जन उपस्थित थे। प्रधानमंत्री मोदी कार्बी आंगलोंग के कार्यक्रम के बाद डिब्रूगढ़ के लिए रवाना हो गये।