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प्रतापगढ़ की कुंडा विधानसभा सीटों पर तीन दशक से है राजा भैया का कब्जा


प्रतापगढ़, 22 जनवरी (हि. स.)।प्रतापगढ़ जिले की कुंडा विधानसभा सीट प्रदेश भर मे चर्चा में बनी रहती है।यह क्षेत्र सबसे हाई प्रोफाइल है। इसी सीट से उप्र के बाहुबली रघुराज प्रताप सिंह उर्फ राजा भैया चुनाव जीतते हैं। बीते तीन दशक से कुंडा विधानसभा पर राजा भैया का राज है। भाजपा और बसपा यहां लगातार जोर लगाती है। मगर आज तक कामयाबी हाथ नहीं लगी है। 1993 के बाद से वह लगातार इस सीट पर चुनाव जीत रहे हैं। आज तक उन्हें कोई चुनाव नहीं हरा पाया है। 2017 के विधानसभा चुनाव में निर्दलीय राजा भैया को 136597 वोट मिले थे।
बाबागंज विधानसभा सीट अभी निर्दलीय विनोद कुमार विधायक हैं। सरोज कुमार कुंडा विधायक राजा भैया के करीबी हैं। इलाके में कहा जाता है कि राजा भैया अपनी सीट से ज्यादा बाबागंज पर ध्यान देते हैं।विश्वनाथगंज विधानसभा क्षेत्र पर हर चुनाव में मुकाबला दिलचस्प होता है। अभी इस सीट पर अपना दल (एस) का कब्जा है। यहां से आरके वर्मा विधायक है। 2017 के विधानसभा चुनाव में वर्तमान विधायक राकेश कुमार वर्मा को 81899 वोट मिले थे।इस बार डॉ. आर के वर्मा साइकिल की सवारी कर चुके हैं।
प्रतापगढ़ के रामपुर खास विधानसभा क्षेत्र पर 41 साल से कांग्रेस का कब्जा है। कांग्रेस की तरफ से तिवारी परिवार के लोग ही यहां से जीतते आ रहे हैं। 1980 से 2014 तक कांग्रेस नेता प्रमोद तिवारी यहां से विधायक रहे हैं। उनके राज्यसभा जाने के बाद उनकी बेटी आराधना मिश्रा ”मोना” विधायक हैं।
2017 के विधानसभा चुनाव में प्रतापगढ़ विधानसभा सीट से अपना दल ”एस” के उम्मीदवार संगम लाल गुप्ता ने जीत हासिल की थी। वहीं, दूसरे नंबर पर बसपा के नागेंद्र सिंह थे। संगम लाल को 80,828 और नागेंद्र सिंह को 46,274 वोट मिले थे। संगमलाल के लोकसभा सांसद निर्वाचित होने के बाद हुए उप चुनाव में अपना दल एस कर टिकट पर राजकुमार पाल विधायक चुने गए।
पट्टी विधानसभा क्षेत्र भाजपा का का अभेद्य किला है। योगी सरकार में कैबिनेट मंत्री राजेंद्र प्रताप सिंह उर्फ मोती सिंह यहां से विधायक हैं। वहीं, कुख्यात ददुआ के भतीजे राम सिंह से कड़ा मुकाबला रहता है। पिछले चुनाव में मोती सिंह को 75,011, जबकि एसपी के राम सिंह को 73,538 वोट मिले थे। रानीगंज विधानसभा सीट पर अभी तक दो बार आम चुनाव हुए हैं। 2012 में यहां से सपा ने पहली बार जीत हासिल की थी। 2017 में बीजेपी के धीरज ओझा ने यहां से जीत हासिल की थी।