Wed. Feb 21st, 2024

नागौर गैंगरेप पीड़िता की मौत के बाद सियासत गरमाई, धरना-बयानबाजियों का दौर शुरु


जयपुर/नागौर, 19 फ़रवरी (हि.स.)। नागौर की गैंगरेप पीड़िता के जयपुर स्थित एसएमएस हॉस्पिटल में जिंदगी की जंग हार जाने के बाद अब सियासत तेज हो गई है। नागौर के डीडवाना से लेकर जयपुर तक लोग गैंगरेप पीड़िता को न्याय दिलाने के लिए धरना-प्रदर्शन कर रहे हैं। इस मामले में भाजपा की ओर से गठित तीन सदस्यीय जांच दल शनिवार को डीडवाना पहुंच गया।

क्षेत्रीय लोगों ने सीएम के नाम ज्ञापन देकर आरोपियों की गिरफ्तारी, सीबीआई जांच, जांच अधिकारी (IO) हटाने, थाना स्टाफ को लाइन हाजिर करने, 50 लाख का मुआवजा, सरकारी नौकरी के लिखित आदेश, पीड़िता की मोबाईल कॉल डिटेल निकालने और लापरवाह पुलिस अधिकारी को आरोपी बनाने सहित पीड़ित परिवार को सुरक्षा प्रदान करने की मांग की है। इन मांगों के नहीं मानने तक परिजनों व प्रदर्शनकारियों ने शव लेने से इंकार कर दिया है। पीड़िता का शव जयपुर एसएमएस अस्पताल की मोर्चरी में रखा है। शनिवार को नागौर पुलिस अधीक्षक राममूर्ति जोशी ने अब तक जांच कर रहे इन्वेस्टिगेशन ऑफिसर डीडवाना डिप्टी गोमाराम जाट को मामले से हटाकर नागौर सीओ विनोद कुमार सीपा को जांच सौंप दी है। इस मामले के तूल पकड़ने के बाद डीडवाना एसएचओ नरेंद्र जाखड़ और हैड कांस्टेबल प्रहलाद सिंह को पहले ही निलम्बित किया जा चुका है।

इस बीच, प्रदेश भाजपा की ओर से इस मामले को लेकर तीन सदस्यीय जांच कमेटी किसान मोर्चा प्रदेशाध्यक्ष हरिराम रणवां, विधायक अभिनेष महर्षि और गोवर्धन वर्मा पीड़ित परिवार से मुलाकात करने के लिए शनिवार को नागौर पहुंच गए। कमेटी के सदस्यों ने नागौर पहुंचकर परिजनों से मुलाकात की है। एक दिन पहले पहले केबिनेट मंत्री यूनुस खान ने भी सीएम गहलोत और नागौर एसपी से बात कर मामले की निष्पक्ष जांच कर सभी आरोपियों को गिरफ्तार करने व पीड़ित परिवार की मांगों को मानते हुए न्याय दिलाने की बात कही थी।

नागौर सांसद हनुमान बेनीवाल ने टवीट कर लिखा कि महिला की गुमशुदगी दर्ज होने के बाद से लेकर अब तक पूरे मामले में पुलिस का जो रवैया सामने आया, उससे यह जाहिर हो रहा है कि पुलिस ने मामला संज्ञान में आते ही संवेदनशीलता नहीं दिखाई। चूंकि महिला के लापता होते ही पूरा प्रकरण डीडवाना एएसपी के संज्ञान में आ गया था। उसके बावजूद इतनी बड़ी लापरवाही बरती गई। सांसद बेनीवाल ने कहा कि डीडवाना एएसपी पहले लंबे समय तक जिले में सीओ पद पर कार्यरत रहे और उनकी लचर व विवादास्पद कार्यशैली के कारण उन्हें उस समय भी शिकायतन हटाया गया था। उन्हें यहां से तत्काल हटाया जाए। सांसद ने मृतका के परिजनों को आर्थिक पैकेज देने की भी मांग की। उन्होंने पूरे मामले को लेकर डीजी एमएल लाठर से फोन पर बात करके घटना में संलिप्त सभी आरोपियों की शीघ्र गिरफ्तारी करने व उच्च स्तरीय निष्पक्ष जांच करने के लिए कहा।

डॉ. किरोड़ीलाल मीणा नागौर की दलित गैंगरेप पीड़िता को न्याय दिलाने के लिए दलित समाज की ओर से किए जा रहे धरने पर बैठे। जयपुर में एसएमएस अस्पताल के पास धरना दे रहे समाज के लोगों के साथ धरने पर बैठकर किरोड़ी लाल मीणा ने टवीट किया और सरकार को चेताया। उन्होंने लिखा कि डीडवाना (नागौर) में दलित महिला की गैंगरेप के बाद मृत्यु हुई है। मृतका के परिवारजनों के साथ एसएमएस अस्पताल में धरने पर बैठा हूं। यदि नागौर पुलिस समय पर कार्रवाई करती तो शायद यह दुर्घटना नहीं घटती। गहलोत सरकार से मेरी मांग है कि दोषी पुलिसकर्मियों पर कार्रवाई करें। बिना देरी के सरकार पीड़ित परिवार को सरकारी नौकरी और 50 लाख रुपए का मुआवजा दे। घटना को अंजाम देने वाले प्रभावशाली लोगों के खिलाफ पुलिस तुरंत एक्शन ले।

यह था मामला

सात दिन पहले नागौर एसपी राममूर्ति जोशी ने खुलासा किया था कि महिला से गैंग रेप के आरोपी सुरेश मेघवाल को गिरफ्तार किया है। नाबालिग को भी डिटेन किया गया। महिला सुरेश को पहले से जानती थी। चार फरवरी को फोन से बुलाने पर वह गांव के बाहर आई थी। सुरेश व नाबालिग उसे बाइक पर बिठाकर ले गए और सुनसान जगह दोनों ने गैंग रेप किया। इसके बाद दोनों ने मिलकर पीड़िता से मारपीट की और गला दबा दिया। वह अचेत हुई तो उसे मरा समझकर उसके गहने लूटे और खाई में फेंककर फरार हो गए।

पुलिस ने आरोपियों की निशानदेही पर महिला का पता लगाया तो वह खाई में पड़ी मिली। उसके शरीर पर नाखून की खरोंच के निशान थे। प्राइवेट पार्ट भी जख्मी था। पुलिस ने पीड़िता को डीडवाना बांगड़ हॉस्पिटल पहुंचाया था। यहां से जयपुर रेफर कर दिया था। पुलिस ने आरोपियों से गहने बरामद कर लिए थे और वारदात में इस्तेमाल की गई बाइक भी जब्त कर ली थी। जयपुर के एसएमएस हॉस्पिटल में आठ दिन वेंटिलेटर पर रहने के बाद गुरुवार देर शाम पीड़िता ने हॉस्पिटल में दम तोड़ दिया।