Wed. Sep 28th, 2022

दुनिया जानेगी शिवाजी महाराज की शौर्यगाथा


-आगरा में ताजमहल के निकट बन रहा छत्रपति शिवाजी महाराज का संग्रहालय

-पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए उत्तर प्रदेश पर्यटन विभाग ने तैयार किया ब्लू प्रिंट

आगरा, 16 सितंबर (हि.स.)। उत्तर प्रदेश की पर्यटन नगरी आगरा में पर्यटन का एक नए गंतव्य जल्द पर्यटकों को लुभाने वाला है। अब दुनियाभर से यहां आने वाले पर्यटक छत्रपति शिवाजी महाराज की वीरता और पराक्रम को भी बखूबी जान सकेंगे। इसके लिए ताजमहल के पास में ही छत्रपति शिवाजी संग्रहालय का निर्माण किया जा रहा है। इस संग्रहालय में शिवाजी महाराज के हथियार और पुरानी धरोहरों को देखने का अवसर मिलेगा। इसके लिए छत्रपति शिवाजी महाराज के नाम पर गैलरी और प्रदर्शनी हॉल बनाया जाएगा। उत्तर प्रदेश पर्यटन विभाग ने इसका पूरा ब्लू प्रिंट तैयार कर लिया है।

छत्रपति संग्रहालय का निर्माण ताजमहल से एक किलोमीटर दूर शिल्पग्राम रोड पर छह एकड़ जमीन पर हो रहा है। इसके माध्यम से दुनिया भर के लोग छत्रपति शिवाजी महाराज की शौर्य गाथा को जान सकेंगे। संग्रहालय में शिवाजी महाराज के कालखंड से संबंधित सभी चीजें रखी जाएंगी। मराठा साम्राज्य से लोग बखूबी अवगत हो पाएंगे। ताजमहल के साथ-साथ आने वाले समय में आगरा को शिवाजी महाराज के संग्रहालय के लिए भी देश और दुनिया में जाना जाएगा।

उत्तर प्रदेश पर्यटन विभाग के संयुक्त निदेशक अविनाश चंद्र मिश्रा ने बताया कि छत्रपति शिवाजी संग्रहालय का निर्माण 2016 में शुरू हुआ था। इसके निर्माण पर अब तक 99 करोड़ रुपये खर्च किए जा चुके हैं। इससे इसकी बिल्डिंग का निर्माण कराया गया था। सपा शासन काल में हुए निर्माण कार्यों की मंडलायुक्त आगरा ने आईआईटी रुड़की द्वारा जांच कराई थी। इसमें कई लैंटर में दरार पाई गई है। इसके बाद इसके कार्य रोक दिए गए थे। अब उन कमियां को कार्यदायी संस्था द्वारा दूर कराया जा रहा है। इस परियोजना पर पहले 141 करोड़ रुपये खर्च होने थे। संग्रहालय का 70 फीसदी काम पूरा हो गया है। समय के साथ अब इसके निर्माण की अनुमानित लागत 170 करोड़ रुपये से ज्यादा आ रही है। इसके लिए शासन को प्रस्ताव भेजा जा चुका है, जल्द ही संग्रहालय का निर्माण कार्य शुरू हो जाएगा।

उन्होंने बताया कि इसमें छत्रपति शिवाजी के जीवन से संबंधित वस्तुओं का समावेश रहेगा। महाराष्ट्र के संग्रहालय से छत्रपति शिवाजी महाराज से जुड़ी कुछ वस्तुएं लाकर यहां रखी जाएंगी। संग्रहालय का आंतरिक ढांचा मराठा साम्राज्य की थीम पर बनाया जाएगा।

इसके साथ ही आगरा किले में दिसंबर में लाइट एंड साउंड शो फिर से शुरू किया जा रहा है। आगरा किला में झांसी के किले के समान नई तकनीकी पर आधारित साउंड एंड लाइट शो होगा, जिसमें लेजर लाइट का भी इस्तेमाल किया जाएगा। आगरा किले के इतिहास में अब मुगलों के अलावा छत्रपति शिवाजी और गुरु गोविंद सिंह का भी प्रभाव सुनने को मिलेगा। साथ ही लोधी और राजपूत वंश के किले से रहे रिश्ते को भी सुनाया जाएगा। 1857 के स्वाधीनता संग्राम में आगरा की भूमिका और शहर के इतिहास को भी जाना जा सकेगा। इसकी स्क्रिप्ट फाइनल हो चुकी है। विश्व बैंक की मदद से 8.42 करोड़ रुपये की लागत से लाइट एंड साउंड शो शुरू किया जा रहा है।

कई भाषाओं में होगा साउंड शो

अभी तक लाइट एंड साउंड शो में हिंदी और अंग्रेजी में दो कार्यक्रम होते थे, लेकिन अब इसमें एक ही शो कराए जाने की योजना बनाई गई है। शो देखने आने वाले पर्यटकों को ईयर फोन दिए जाएंगे, जिसमें कई तरह की भाषाओं में शो को सुना जा सकेगा। शो का समय 45 मिनट का होगा। इस शो का 200 लोग एक साथ देखकर आनंद ले सकेंगे।