Mon. May 23rd, 2022

दुःख और शैक्षणिक असुरक्षा का विषय हैबीपीएससी कांड : अभाविप


बेगूसराय, 09 मई (हि.स.)। बिहार लोकसेवा आयोग (बीपीएससी) द्वारा आयोजित 67 वीं संयुक्त (प्रारंभिक) प्रतियोगिता परीक्षा बात करने से परीक्षार्थियों के साथ-साथ अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (अभाविप) के कार्यकर्ताओं में भी भारी आक्रोश है।

परीक्षा रद्द करने के खिलाफ सोमवार को बेगूसराय में अभाविप के कार्यकर्ताओं ने आक्रोश मार्च निकालकर जमकर नारेबाजी की तथा अभ्यर्थियों के लिए न्याय की मांग की। कार्यकर्ता बीपीएससी के सचिव को तत्काल बर्खास्त करने, जिले के सभी जिम्मेदार पदाधिकारियों पर कठोर कार्रवाई करने तथा पुनः जल्द से जल्द परीक्षा आयोजित करने की मांग कर रहे थे।

आक्रोश मार्च में शामिल अभाविप के राष्ट्रीय कार्यकारिणी सदस्य आलोक कुमार एवं जिला संयोजक सोनू सरकार ने कहा कि जिस प्रकार से कल बिहार में घटना घटी, यह तमाम छात्र-छात्राओं के लिए दुःख और शैक्षणिक असुरक्षा का विषय है। छात्र शक्ति को एकत्रित होकर सरकार के इस गलत कदम के प्रतिकार करने की जरूरत है।

विभाग सह संयोजक शिवम कुमार एवं प्रदेश कार्यकारिणी सदस्य अभिगत कुमार ने कहा कि जिस प्रकार छात्र आंदोलन के इतिहास में बिहार शर्मसार करने वाले गतिविधि के खिलाफ उग्र आंदोलन करते रहा है। ठीक उसी प्रकार विद्यार्थी परिषद छात्र समुदाय के साथ हो रहे अत्याचार के खिलाफ सड़क पर आंदोलन करेगा।

नगर मंत्री पुरुषोत्तम कुमार एवं प्रदेश कार्यकारिणी सदस्य अमृतांशु कुमार ने कहा कि आज पूरे बिहार के छात्र अचंभित हैं, उनके अंदर आक्रोश की ज्वाला भड़क रही है। सरकार अपने छात्र विरोधी कार्यों के लिए विश्वसनीयता खो रही है। बीपीएससी की परीक्षा विगत कई वर्षों से विवादों के घेरे मे रही है, लेकिन सरकार और आयोग जिम्मेदार पदाधिकारियों पर कार्रवाई नहीं कर गलत कार्यों को बढ़ावा दे रही है।

जिला एसएफडी प्रमुख अंशु कुमार एवं नगर सह मंत्री शांतनु कुमार ने कहा कि बिहार सरकार जल्द से जल्द नई तिथि की घोषणा करे, निष्पक्ष तरीके से परीक्षा संचालित करे तथा इस प्रकार की गतिविधियों में संलिप्त परीक्षा केंद्र को ब्लैक लिस्टेड करे।

नगर सह मंत्री आकाश कुमार एवं छात्र नेता आयुष ईश्वर ने कहा कि वर्षों तक तैयारी करने के बाद बिहार की सबसे प्रतिष्ठित परीक्षा में बैठते हैं, लेकिन मेहनत एवं लगन को दरकिनार करते हुए सरकार और आयोग छात्र के विरुद्ध निर्णय लेती है, इसके लिए सबों को साथ आने की जरूरत है।