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झारखंड : जज उत्तम आनंद हत्याकांड में लखन और राहुल को उम्रकैद


धनबाद, 6 अगस्त (हि.स.)। बहुचर्चित जज उत्तम आनंद हत्याकांड में सीबीआई की विशेष अदालत ने दोषी राहुल वर्मा और लखन वर्मा को उम्र कैद की सजा सुनाई। साथ ही 20 हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया है। सीबीआई के विशेष न्यायाधीश रजनीकांत पाठक की अदालत ने शनिवार को दोनों दोषियों को सजा सुनाई।

इससे पहले 28 जुलाई को जज उत्तम आनंद की पहली पुण्यतिथि के मौके पर ही कोर्ट ने ऑटो ड्राइवर लखन वर्मा और उसके साथी राहुल वर्मा को दोषी ठहराया था। इन दोनों के खिलाफ भारतीय दंड संहिता की धारा 302 (हत्या), 201 (अपराध के सबूतों को गायब करना या अपराधी को बचाने के लिए झूठी जानकारी देना) और 34 (सामान्य इरादा) के तहत आरोप तय किए गए थे। मामले की सुनवाई इसी साल फरवरी में शुरू हुई थी। अदालत ने सुनवाई के दौरान 58 गवाहों के बयान दर्ज किए थे।

ऑटो ने धनबाद जज को मारी थी टक्कर

धनबाद के जज उत्तम आनंद 28 जुलाई, 2021 को सुबह पांच बजे मॉर्निंग वॉक पर निकले थे। इस बीच रणधीर वर्मा चौक के पास एक ऑटो ने उन्हें पीछे से जोरदार टक्कर मार दी थी। इस घटना में एडीजे की मौत हो गयी थी। 28 जुलाई, 2022 को अदालत ने फैसला सुनाते हुए कहा था कि यह साबित होता है कि दोनों ने जान-बूझकर जज उत्तम आनंद की हत्या की है। हर हत्याकांड में कोई मोटिव या इंटेंशन हो, यह जरूरी नहीं। यदि अभियुक्त यह जानता है कि उसके कार्य से किसी की मौत हो सकती है तो फिर इंटेंशन की जरूरत नहीं है।

हाई कोर्ट कर रहा था केस की मॉनिटरिंग

जज उत्तम आनंद की हत्या मामले को गंभीरता से लेते हुए झारखंड हाई कोर्ट ने उसे जनहित याचिका में तब्दील कर दिया था। एसआईटी गठित कर मामले की जांच की जा रही थी। इसी बीच राज्य सरकार ने मामले की सीबीआई जांच की अनुशंसा की। केंद्र की अनुमति मिलने के बाद सीबीआई ने मामले को हैंड ओवर करते हुए प्राथमिकी दर्ज की और जांच शुरू कर दी थी। सुप्रीम कोर्ट ने जज उत्तम आनंद हत्याकांड में सुनवाई करते हुए सीबीआई को निर्देश दिया था कि जांच का स्टेटस रिपोर्ट झारखंड हाई कोर्ट को सौंपे। हाई कोर्ट जांच की मॉनिटरिंग करता रहा।

सीसीटीवी फुटेज को माना गया अहम सबूत

इस मामले में सीबीआई की विशेष अदालत ने सीसीटीवी फुटेज को अहम सबूत माना। सीबीआई के अतिरिक्त लोक अभियोजक अमित जिंदल ने कहा कि अदालत ने पाया कि दोनों आरोपित नशे में नहीं थे। जिंदल ने कहा कि अदालत ने यह भी फैसला सुनाया कि यह जानबूझकर की गई हत्या का मामला है। हालांकि, बचाव पक्ष के वकील कुमार बिमलेंदु ने पत्रकारों से कहा कि सीबीआई ने हत्या की मनगढ़ंत कहानी रची। उन्होंने कहा कि दोषी लखन और राहुल फैसले को उच्च न्यायालय में चुनौती देंगे।