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जनसंघ काल से जुड़े वरिष्ठ भाजपा नेता आडवाणी जी के निधन से शोक


बेगूसराय, 02 मई (हि.स.)। जनसंघ काल से जुड़े बखरी निवासी भाजपा के वरिष्ठ कार्यकर्ता अनिरूद्ध प्रसाद केसरी उर्फ आडवाणी जी सोमवार को पावन गंगा तट सिमरिया घाट पर पंचतत्व में विलीन हो गए। उनके निधन से संघ परिवार से जुड़े कार्यकर्ताओं में शोक फैल गई है। 88 वर्षीय अनिरुद्ध केसरी पिछले कुछ महीनों से बीमार चल रहे थे।

क्षेत्र के कार्यकर्ताओं में आडवाणी जी के नाम से लोकप्रिय नेता के अंतिम दर्शन के लिए अंबेडकर चौक स्थित आवास पर लोगों की भीड़ उमड़ पड़ी। महर्षि मेही के सत्संग परंपरा से जुड़े आडवाणी जी श्रीविश्वबंधु पुस्तकालय के संरक्षण समिति सदस्य, केशरवानी वैश्य समाज के संरक्षण समिति सदस्य सहित सांस्कृतिक संस्था जय सरस्वती संघ में भी महत्त्वपूर्ण पदों पर कार्य कर चुके थे।

केंद्रीय ग्रामीण विकास एवं पंचायती राज मंत्री गिरिराज सिंह, राज्यसभा सदस्य प्रो. राकेश सिन्हा, भाजपा मीडिया सेल के प्रदेश संयोजक विधायक कुंदन कुमार एवं भाजपा जिलाध्यक्ष राज किशोर सिंह आदि ने शोक व्यक्त किया है। दिवंगत नेता के पार्थिव शरीर पर पुष्पचक्र एवं पार्टी का झंडा समर्पित करते हुए भाजपा नेता नगर पार्षद सिधेश आर्य ने कहा कि आडवाणी जी के निधन से पार्टी ने एक समर्पित कार्यकर्ता खोया है, जिसकी भरपाई मुश्किल है। जनसंघ के दीपक की लौ से भाजपा के कमल पुष्प तक ताउम्र वे पार्टी की रीति-नीति और विचारधारा से जुड़े रहे। अनेक झंझावतों को झेलते हुए भी सदैव वैचारिक अधिष्ठान पर अडिग रहे, कभी भी पार्टी के सिद्धांतों से समझौता नहीं किया।

श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए जिला पार्षद अमित कुमार देव ने कहा कि चुनावों में बूथ पर डटे रहने वाले प्रतिबद्ध कार्यकर्ताओं के लिए वे मिसाल थे। मौके पर जिला महामंत्री राजीव वर्मा, पूर्व महामंत्री पवन सिंह, भाजयुमो के क्षेत्रीय प्रभारी नगर पार्षद नीरज नवीन, नगर अध्यक्ष अमरनाथ पाठक, उपाध्यक्ष संतोष साहू, संतोष भारती गुड्डू, संजय सिंह, निकेत सिंह राठौड़ एवं पिंटू पासवान आदि ने भी पार्थिव शरीर पर पुष्प अर्पित कर अंतिम विदाई दी। इधर, सपा जिलाध्यक्ष दिलीप केसरी ने सत्संग भवन में पार्थिव शरीर पर माल्यार्पण करते हुए कहा कि वे समाज की धरोहर थे। केशरवानी वैश्य सभा के अध्यक्ष विश्वनाथ केसरी, महामंत्री महादेव केसरी, संगठन मंत्री रामदयाल केसरी, रामचंद्र प्रसाद केसरी, अंकेक्षक समीर श्रवण, सीताराम केसरी, पशुपतिनाथ केसरी, गुड्डू केसरी एवं पंकज केसरी आदि ने भी पुष्पांजलि अर्पित करते हुए उन्हें समाज हित में सदैव सक्रिय रहने वाला अभिभावक करार दिया।