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गौ-मूत्र खरीद करने वाला देश का पहला राज्य बना छत्तीसगढ़


रायपुर, 28 जुलाई (हि.स.)। मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने गुरुवार को हरेली पर्व के अवसर पर राज्य में गौ-मूत्र की खरीदी की ऐतिहासिक की शुरूआत की। मुख्यमंत्री ने अपने निवास कार्यालय पर आयोजित एक कार्यक्रम में चंदखुरी की निधि स्व-सहायता समूह से 5 लीटर गौ-मूत्र 20 रुपये में खरीद कर योजना का शुभारंभ किया। निधि स्व-सहायता समूह ने गौ-मूत्र विक्रय की यह राशि मुख्यमंत्री बघेल के आग्रह पर मुख्यमंत्री सहायता कोष के खाते में जमा की है।

दरअसल, छत्तीसगढ़ देश का पहला राज्य है, जो पशुपालकों से दो रुपये किलो गोबर की खरीदी कर रहा है। अब सरकार ने आज से 4 रुपये प्रति लीटर की दर से गौ-मूत्र की खरीद भी शुरू कर दी है।

गुरुवार के कार्यक्रम में मुख्यमंत्री बघेल ने राज्य के जैविक खाद उत्पादक 7442 महिला स्व-सहायता समूहों को 17 करोड़ रुपये की प्रोत्साहन (बोनस) राशि का भी वितरण किया। इस मौके पर मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने कहा कि गोधन न्याय योजना के बहुआयामी परिणामों को देखते हुए देश के अन्य राज्य भी इसे अपनाने लगे हैं। बीते दो साल में गोधन न्याय योजना के माध्यम से गोबर विक्रेताओं, गौठान समितियों और महिला समूहों के खाते में तीन सौ करोड़ रुपये से अधिक की राशि अंतरित हुई है। उन्होंने कहा कि इन दो सालों से गोबर की खरीद और इससे जैविक खाद के निर्माण से राज्य में जैविक खेती को बढ़ावा मिला है। गौ-मूत्र खरीदी का मकसद गौठानों में इससे जैविक कीटनाशक, जीवामृत, ग्रोथ प्रमोटर का निर्माण करना है, ताकि राज्य के किसानों को कम कीमत पर जैविक कीटनाशक सहजता से उपलब्ध कराया जा सके।

उल्लेखनीय है कि गोधन न्याय योजना की शुरुआत छत्तीसगढ़ में 2 साल पहले 20 जुलाई 2020 को हरेली पर्व के दिन से हुई थी। मुख्यमंत्री निवास पर आयोजित हरेली पर्व के कार्यक्रम में कई मंत्रियों के अलावा विभिन्न निगमों के अध्यक्ष एवं अधिकारी कर्मचारी उपस्थित रहे।