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गेहूं का उत्पादन 106.41 मिलियन टन होने का है अनुमान : तोमर


नई दिल्ली, 02 अगस्त (हि.स.)। केन्द्रीय कृषि एवं किसान कल्याण मंत्री नरेन्द्र सिंह तोमर ने कहा कि देश गेहूं उत्पादन में पूर्णरूप से आत्मनिर्भर है। तीसरे अग्रिम अनुमान के अनुसार वर्ष 2021-22 के दौरान गेहूं का उत्पादन 106.41 मिलियन टन होने का अनुमान लगाया गया है।

तोमर ने मंगलवार को राज्यसभा में पूछे गए एक सवाल के लिखित जवाब में कहा कि देश में गेहूं का संकट नहीं है, क्योंकि भारत अपनी घरेलू जरूरत से अधिक गेहूं का उत्पादन करता है। तीसरे अग्रिम अनुमान के अनुसार वर्ष 2021-22 के दौरान गेहूं का उत्पादन 106.41 मिलियन टन होने का अनुमान लगाया गया है जो पिछले पांच वर्षों 2016-17 से 2020-21) के दौरान गेहूं के औसत उत्पादन अर्थात 103.89 मिलियन टन से अधिक है।

तोमर ने कहा कि देश की समग्र खाद्य सुरक्षा का प्रबंधन करने और पड़ोसी एवं कमजोर देशों की जरूरतों में सहायता करने के लिए केंद्र सरकार ने गेहूं की निर्यात नीति को ‘मुक्त’ से ‘निषिद्ध” में संशोधित किया। हालांकि, अन्य देशों को उनकी खाद्य सुरक्षा जरूरतों को पूरा करने के लिए और उनकी सरकारों के अनुरोध पर भारत सरकार की ओर से दी गई अनुमति के आधार पर भी निर्यात की अनुमति दी जाएगी।

उन्होंने कहा कि गेहूं उगाने वाले किसानों की आय पर कोई प्रतिकूल प्रभाव नहीं पड़ा है क्योंकि गेहूं के निर्यात पर प्रतिबंध के बावजूद किसानों को अच्छा लाभकारी मूल्य मिल रहा है। गेहूं के निर्यात पर प्रतिबंध के बाद भी गेहूं की घरेलू कीमतें एमएसपी (न्यूनतम समर्थन मूल्य) से ऊपर चल रही हैं।