Tue. Sep 27th, 2022

केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री ने जारी की आवश्यक दवाओं की राष्ट्रीय सूची


नई दिल्ली, 13 सितंबर (हि.स.)। केंद्रीय स्वास्थ्य और परिवार कल्याण मंत्री डॉ मनसुख मंडाविया ने मंगलवार को आवश्यक दवाओं की राष्ट्रीय सूची (एनएलईएम) 2022 जारी कर दी। सूची में 384 दवाओं को 27 चिकित्सीय श्रेणियों में वर्गीकृत किया गया है।

इस सूची में 34 नई दवाओं को शामिल किया गया है जबकि पिछली सूची (2015) में शामिल रहीं 26 दवाओं को अब हटा दिया गया है। एनएलईएम, 2015 में 376 की तुलना में एनएलईएम 2022 में 384 दवाएं शामिल हैं।

उल्लेखनीय है कि आवश्यक दवाओं की राष्ट्रीय सूची पहली बार 1996 में तैयार की गई थी। इसके बाद 2003, 2011 और 2015 में तीन बार संशोधित किया गया था।

आज जारी सूची में कार्डियोवैस्कुलर दवाएं, एनेस्थीसिया और तंत्रिका संबंधी विकारों में उपयोग की जाने वाली दवाएं, संक्रामक विरोधी दवाएं, कान, नाक, गले और गैस्ट्रोइंटेस्टाइनल दवाएं, हार्मोन, अन्य अंतः स्रावी दवाएं और गर्भ निरोधकों का उल्लेख है।

दवाओं में निकोटीन रिप्लेसमेंट थेरेपी (एनआरटी), ओरल रिहाइड्रेशन साल्ट, पैरासिटामोल, रिबाविरिन, स्ट्रेप्टोमाइसिन, लोराज़ेपम और इवरमेक्टिन शामिल हैं।

इसके अलावा, एनएलईएम 2022 में चिकित्सीय श्रेणी के अनुसार दवाएं जोड़ूी गयी हैं। इवरमेक्टिन, मेरोपेनेम, सेफुरोक्साइम, फेनोक्सिमिथाइल पेनिसिलिन, डेलामनिड और लेनिलेडोमाइड उन 34 दवाओं में शामिल हैं जिन्हें एनएलईएम 2022 में जोड़ा गया है।

इसके अलावा, एनएलईएम 2015 से 26 दवाएं हटाई गई हैं। इसमें ब्लीचिंग पाउडर, प्रोकार्बाज़िन, रिफैब्यूटिन, रैनिटिडिन और सुक्रालफेट हटाई गई अन्य दवाओं में से थे।

केंद्रीय मंत्री मंडाविया ने आज यहां आवश्यक दवाओं की राष्ट्रीय सूची (एनएलईएम) 2022 जारी करते हुए कहा कि अब कई एंटीबायोटिक्स, टीके, कैंसर रोधी दवाएं और कई अन्य महत्वपूर्ण दवाएं अधिक सस्ती हो जाएंगी और मरीजों के जेब खर्च में कमी आएगी। उन्होंने कहा कि एनएलईएम स्वास्थ्य सेवा के सभी स्तरों पर सस्ती गुणवत्ता वाली दवाओं की पहुंच सुनिश्चित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है। इन दवाओं से स्वास्थ्य देखभाल की गुणवत्ता में सुधार होगा।

उन्होंने कहा कि हितधारकों के साथ व्यापक विचार-विमर्श के बाद सूची तैयार की गई है। उन्होंने कहा कि राष्ट्रीय फार्मा मूल्य निर्धारण प्राधिकरण अब इन दवाओं की कीमत निर्धारित और विनियमित करेगा ताकि लोगों के लिए सस्ती दवाएं उपलब्ध हों।

मंडाविया ने कहा कि केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय सबको दवा, सस्ती दवा की दिशा में प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के दृष्टिकोण के तहत विभिन्न कदम उठा रहा है। इस दिशा में, आवश्यक दवाओं की राष्ट्रीय सूची (एनएलईएम) स्वास्थ्य सेवा के सभी स्तरों पर सस्ती गुणवत्ता वाली दवाओं की पहुंच सुनिश्चित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है। यह लागत प्रभावी, गुणवत्तापूर्ण दवाओं को बढ़ावा देगा और नागरिकों के लिए स्वास्थ्य देखभाल पर होने वाले खर्च को कम करने में योगदान देगा।