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कुमाऊं विवि के शोध छात्र-छात्रा को दक्षिण कोरिया में मिली उपलब्धि


नैनीताल, 13 सितंबर (हि.स.)। कुमाऊं विवि के डीएसबी परिसर में रसायन विज्ञान विभाग के अंतर्गत संचालित ‘प्रो. राजेंद्र सिंह नैनोसाइंस एंड नैनो टेक्नोलॉजी केंद्र’ के दो शोधार्थी छात्र-छात्रा को दक्षिण कोरिया में बड़ी उपलब्धि मिलीं हैं।

शोधकर्ता डॉ मनोज कड़ाकोटी को दक्षिण कोरिया में ‘रिसर्च ग्रीन एनर्जी कन्वर्जेंस टेक्नोलॉजी’ में पोस्ट डॉक्टोरल शोध पद मिला है। शोधार्थी डॉ. चेतना तिवारी का दक्षिण कोरिया के सर्वश्रेष्ठ संस्थानों में से एक संस्थान ‘कोरियन इंस्टिट्यूट ऑफ साइंस एंड टेक्नोलॉजी’ में साइंटिस्ट के पद पर चयन हुआ है।

उल्लेखनीय है कि दोनों ने ही इसी वर्ष नैनो विज्ञान केंद्र के प्रभारी प्रोफेसर नंद गोपाल साहू की देखरेख में पीएचडी की डिग्री प्राप्त की है।

डॉ. कड़ाकोटी ने अपनी पीएचडी के दौरान कूड़े से बहुमूल्य ग्राफीन एवं सुपर कैपेसिटर बनाने पर काम किया है। उन्होंने सीएसआइआर नेट और गेट की परीक्षा उत्तीर्ण करने के साथ-साथ अपने शोध पत्र में 19 शोध लेख, 7 पुस्तक अध्याय प्रकाशित किए हैं, और पांच राष्ट्रीय व अंतरराष्ट्रीय पेटेंट प्राप्त किए हैं। उन्होंने अपनी सफलता का श्रेय अपनी माता देवकी देवी, पिता स्वर्गीय इंद्र सिंह कड़ाकोटी और परिजनों, शिक्षकों, सहपाठियों, मोनिका मटियानी, कुमाऊं विश्वविद्यालय व इसके रसायन विज्ञान विभाग और विशेष रूप से प्रो. साहू को दिया हैं।

डॉ. चेतना ने व्यर्थ प्लास्टिक प्रबंधन, जल शोधन, पॉलीमर नैनोकंपोजिट, बायोइमेजिंग तथा सेंसिंग के क्षेत्र में शोध किया है। डॉ. चेतना आगामी 15 सितंबर को दक्षिण कोरिया के संस्थान में अपनी सेवाएं शुरू करेंगी। उन्होंने राष्ट्रीय स्तर की नेट, गेट आदि परीक्षाएं भी उत्तीर्ण की हैं। उनकी इस सफलता पर उनके पिता पूरन चंद तिवारी, माता सुधा तिवारी, भाई राजेश, बहन रितु पांडे सहित मोनिका तिवारी, नीरज पांडे, परी और नित्या आदि ने शुभकामनाएं दी हैं।