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उपभोक्ता के हितों की रक्षा हो प्राथमिकता : वित्त मंत्री


देहरदुन, 11 मई (हि.स.)। प्रदेश के वित्त, शहरी विकास एवं संसदीय कार्य मंत्री ने बुधवार को रेरा की बैठक ली। यह बैठक देहरादून विधानसभा में हुई। वित्तमंत्री ने विधानसभा स्थित सभा कक्ष में भू-सम्पदा नियामक प्राधिकरण (रेरा) के कार्यो की समीक्षा की और अधिकारियों को जरूरी दिशा-निर्देश दिए।

वित्तमंत्री प्रेमचंद अग्रवाल ने आज पूर्वाह्न 11 बजे भू-सम्पदा नियामक प्राधिकरण (रेरा) की गतिविधियों की विस्तार से चर्चा करते हुए कहा कि सरकार की प्राथमिकता उपभोक्ता के हितों की रक्षा करना है। इसके साथ सरकार के राजस्व आय में वृद्धि होना भी जरूरी है।

उन्होंने रेरा के अधिकारियों को पंजीकरण की प्रक्रिया सुगम बनाने के निर्देश दिये हैं। इस संबंध में वित्तमंत्री ने टोल फ्री नंबर जारी करने के निर्देश दिये। उन्होंने कहा कि निर्धारित 30 दिनों के भीतर पंजीकरण की प्रक्रिया पूर्ण करके इसका डिजिटल डिसप्ले किया जाएं।

रेरा से संबंधित एजेंट के पंजीकरण की व्यवस्था है लेकिन इसके लिए कोई समयावधि निश्चित नहीं है। इस संबंध में वित्तमंत्री ने निर्देश दिया कि एजेंट के पंजीकरण के लिए भी एक निश्चित समयावधि निर्धारित की जाए। साथ ही विभिन्न विकास प्राधिकरण और रेरा के बीच आपसी समन्वय कर जनता की समस्या को अतिशीघ्र दूर किया जाए।

बैठक में वित्तमंत्री ने ऐसे प्रकरण की जानकारी मांगी, जिसमें विकास प्राधिकरण से नक्शा पास नहीं कराया गया है और न ही रेरा से पंजीकरण कराया गया है। फिर भी भूखण्डों की बिक्री की जा रही है। अवैध निर्माण में रेरा की भूमिका निश्चित करते हुए प्रेमचंद अग्रवाल ने रिपोर्ट प्रस्तुत करने का निर्देश दिए।

उन्होंने कहा की उपभोक्ता का शोषण नहीं होना चाहिए और जनता की परेशानी को दूर करने के लिए सुनियोजित विकास किया जाए। बैठक में भू-सम्पदा नियामक प्राधिकरण (रेरा) के अध्यक्ष रविन्द्र पंवार, सचिव प्रकाश चन्द्र दुमका, सदस्य मनोज कुमार, नरेश मठपाल और वित्त नियंत्रक भरत चंद आदि अधिकारी उपस्थित थे।