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उत्तराखंड में सभी मदरसों का हो सर्वे, रोहिंग्या हों बाहरः आन्नद स्वरूप


हरिद्वार, 13 सितंबर (हि.स.)। काली सेना के प्रमुख और शांभवी पीठाधीश्वर स्वामी आनंद स्वरूप का कहना है कि सीएम पुष्कर धामी ने मदरसों के सर्वे कराए जाने की बात कहकर देर से ही सही, लेकिन अच्छा फैसला लिया है। उनका कहना है कि सिर्फ वक्फ बोर्ड के अधीन मदरसों का ही सर्वे न करें, बल्कि सभी मदरसों का सर्वे किया जाना चाहिए।

स्वामी आनंद स्वरूप का कहना है कि मदरसों में गलत शिक्षा प्रणाली के साथ पैसे का दुरुपयोग और एक विशेष समुदाय को तैयार किया जा रहा है। इन मदरसों पर सर्वे तो सही है, लेकिन सर्वे सिर्फ वफ्फ बोर्ड की संपत्तियों का न हो। वक्फ बोर्ड के मुताबिक, 103 मदरसे ही उत्तराखंड में है, जबकि उत्तराखंड में करीब 400 से ज्यादा मदरसे चल रहे हैं।

स्वामी आनंद स्वरूप ने कहा कि इन सभी मदरसों का सर्वे होना चाहिए। अब सिर्फ सर्वे से काम नहीं चलेगा। इन मदरसों को तत्काल रूप से बंद किया जाना चाहिए। साथ ही उत्तराखंड से रोहिंग्याओं को भी बाहर निकाला जाए। तभी जाकर उत्तराखंड देवभूमि बनेगा। बता दें कि बीती रोज उत्तराखंड वक्फ बोर्ड के चेयरमैन शादाब शम्स ने सूबे के 103 मदरसों का सर्वे कराने की बात कही थी। शादाब का कहना था कि पूरे प्रदेश में 500 से ज्यादा मदरसे संचालित किए जा रहे हैं। जिसमें से 103 मदरसे वक्फ बोर्ड के अधीन आते हैं। इनमें राज्य सरकार मुस्लिम छात्रों के शिक्षा, खाना और अन्य सुविधाओं के लिए पैसा देती है। ऐसे में राज्य सरकार का यह पूरा अधिकार है कि वो इन मदरसों का समय-समय पर निरीक्षण करे।

इसी के तहत वक्फ बोर्ड उत्तराखंड में मौजूद सभी अपने 103 मदरसों का सर्वे करेगा और उनमें दी जाने वाली राज्य सरकार की तमाम सुविधाओं का किस तरह से इस्तेमाल किया जा रहा है, इसे सुनिश्चित करेंगे। उन्होंने बताया कि प्रदेश में वक्फ बोर्ड के अलावा 419 मदरसे, मदरसा बोर्ड के तहत संचालित किए जाते हैं, लेकिन ये वक्फ बोर्ड के तहत नहीं आते हैं।