Sat. Jun 25th, 2022

आर्मी एविएशन कॉर्प्स को मिलीं पहली महिला कॉम्बैट एविएटर कैप्टन अभिलाषा


– कैप्टन बराक को 36 आर्मी पायलटों के साथ प्रतिष्ठित विंग्स से सम्मानित किया गया

– युवा एविएटर्स अब कॉम्बैट एविएशन स्क्वाड्रन में अपने पंख फैलाने के लिए तैयार

नई दिल्ली, 25 मई (हि.स.)। भारतीय सेना की एविएशन कॉर्प्स को कॉम्बैट एविएटर के रूप में पहली महिला अधिकारी कैप्टन अभिलाषा बराक मिल गईं हैं। सफलतापूर्वक प्रशिक्षण पूरा करने के बाद कैप्टन बराक को डायरेक्टर जनरल और आर्मी एविएशन के कर्नल कमांडेंट ने 36 आर्मी पायलटों के साथ प्रतिष्ठित विंग्स से सम्मानित किया है। आर्मी ने ट्वीट करके कहा कि युवा एविएटर्स अब कॉम्बैट एविएशन स्क्वाड्रन में अपने पंख फैलाने के लिए तैयार हैं।

आर्मी एविएशन कॉर्प्स के पायलटों को तोपखाने के अधिकारियों सहित अन्य लड़ाकू हथियारों से तैयार किया जाता है। भारतीय वायु सेना एमआई-25, एमआई-35 और एचएएल रुद्र जैसे लड़ाकू हेलीकॉप्टर उड़ाती है, जो सेना के संचालन नियंत्रण में हैं। एचएएल चेतक, एचएएल चीता और एचएएल ध्रुव जैसे हेलीकॉप्टर दूरस्थ और दुर्गम क्षेत्रों में भारतीय सेना को रसद सामग्री पहुंचाते हैं। आर्मी एविएशन कॉर्प्स की युद्ध के समय और प्राकृतिक आपदाओं के दौरान कॉम्बैट सर्च एंड रेस्क्यू, आर्टिलरी लिफ्ट, कॉम्बैट ट्रांसपोर्टेशन, लॉजिस्टिक्स रिलीफ, मिलिट्री कैदी ट्रांसपोर्टेशन और मेडिकल इवैक्यूएशन की भी जिम्मेदारी होती है।

भारतीय सेनाओं में लगातार महिला अधिकारियों की संख्या बढ़ रही है। लगभग 6 साल में महिलाओं की गिनती लगभग तीन गुना बढ़ गई है, क्योंकि उनके लिए एक स्थिर गति से अधिक रास्ते खोले जा रहे हैं। वर्तमान में 9,118 महिलाएं सेना, नौसेना और वायु सेना की सेवा कर रही हैं और उन्हें कैरियर बढ़ाने के अधिक मौके दिए जा रहे हैं। नौसेना और वायुसेना में महिलाएं विमान उड़ा रही हैं तो सेना ने भी आर्मी एविएशन का कोर्स शुरू करके महिला पायलटों के लिए रास्ते खोल दिए हैं। सेना की एविएशन कॉर्प्स में अभी तक महिलाएं सिर्फ एयर ट्रैफिक कंट्रोल और ग्राउंड ड्यूटी का हिस्सा हैं लेकिन महिला अधिकारियों को आर्मी एविएशन में भर्ती करने के लिए जुलाई, 2021 से कोर्स शुरू किया गया है, जिसमें एक साल की ट्रेनिंग के बाद महिलाएं भी सेना में पायलट बन सकेंगी।

भारतीय सेना को आज आर्मी एविएशन कॉर्प्स के रूप में पहली महिला अधिकारी कैप्टन अभिलाषा बराक मिलीं हैं। भारतीय सेना के सफलतापूर्वक प्रशिक्षण पूरा करने के बाद कॉम्बैट एविएटर के रूप में उन्हें आर्मी एविएशन कॉर्प्स में शामिल किया गया है। अभिलाषा को 36 सेना पायलटों के साथ प्रतिष्ठित विंग से सम्मानित किया गया है। सेना के मुताबिक 15 महिला अधिकारियों ने आर्मी एविएशन में शामिल होने की इच्छा जताई थी लेकिन केवल दो अधिकारियों का ही पायलट एप्टीट्यूड बैटरी टेस्ट और मेडिकल के बाद चयन हुआ है। पिछले साल जून में इन महिला सैन्य अधिकारियों का चयन हेलीकॉप्टर पायलट ट्रेनिंग के लिए किया गया था। इन दोनों को नासिक के कॉम्बैट आर्मी एविएशन ट्रेनिंग स्कूल में ट्रेनिंग दी गई थी।