Thu. Sep 29th, 2022

आईसीसी ने क्रिकेट के नए नियमों को दी मंजूरी, 1 अक्टूबर से होंगे लागू


दुबई, 20 सितंबर (हि.स.)। अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट परिषद (आईसीसी) ने खेल के कई नियमों में बदलाव की घोषणा की है। बदले गए नियम 1 अक्टूबर 2022 से लागू होंगे। मुख्य कार्यकारी समिति (सीईसी) द्वारा सौरव गांगुली की अगुवाई वाली पुरुष क्रिकेट समिति की सिफारिशों की पुष्टि के बाद नियमों में बदलाव किये गए हैं।

इस अवसर पर सौरव गांगुली ने कहा, “आईसीसी क्रिकेट समिति की मेरी पहली बैठक की अध्यक्षता करना एक सम्मान की बात थी। मैं समिति के सदस्यों के योगदान से प्रसन्न था जिसके परिणामस्वरूप महत्वपूर्ण सिफारिशें की गईं। मैं सभी सदस्यों को उनके बहुमूल्य इनपुट और सुझावों के लिए धन्यवाद देता हूं।

नए नियम इस प्रकार हैं-

कैच आउट होने पर नया बल्लेबाज करेगा बल्लेबाजी

आईसीसी के नए नियमों के अनुसार कैच आउट होने पर नया बल्लेबाज ही बल्लेबाजी करेगा, पुराने नियम के अनुसार कैच के दौरान यदि छोर बदल जाता था तो नॉन स्ट्राइकर बल्लेबाज बल्लेबाजी करता था, जबकि नया बल्लेबाज गेंदबाजी छोर पर होता था।

गेंद को पॉलिश करने के लिए लार के उपयोग पर स्थायी प्रतिबंध

वहीं, गेंद को पॉलिश करने के लिए लार के उपयोग पर स्थायी प्रतिबंध लगा दिया गया है। इससे पहले कोविड के कारण अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में दो साल से अधिक समय से इस प्रतिबंध को अस्थायी रूप से लगाया गया था।

बल्लेबाज को स्ट्राइक के लिए 2 मिनट का समय

बल्लेबाजी के लिए आने वाले बल्लेबाज को अब टेस्ट और एकदिवसीय मैचों में दो मिनट के भीतर स्ट्राइक लेने के लिए तैयार होना होगा, जबकि टी20 अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में नब्बे सेकंड की मौजूदा सीमा को बरकरार रखा गया है।

गेंद को खेलने का बल्लेबाज का अधिकार-

कोई गेंद अगर पिच से दूर गिरती है, तो नए नियम के तहत भी उसे गेंद पर शॉट खेलने की इजाजत होगी। लेकिन बल्लेबाज के बल्ले या उनके शरीर का हिस्सा पिच के अंदर रहता है। अगर वह इससे आगे आते हैं तो अंपायर इसे डेड बॉल के लिए कॉल करेंगे। कोई भी गेंद जिस पर बल्लेबाज पिच छोड़कर शॉट खेलने पर मजबूर होगा, इसे नो बॉल दिया जाएगा।

प्लेयर के गलत तरीके से मूवमेंट करने पर सजा का प्रावधान

अगर फील्डिंग कर रहा कोई प्लेयर गलत तरीके से मूवमेंट करता है, तो उसे अभी डेड बॉल करार दिया जाता है और बल्लेबाज के शॉट के कैंसिल कर दिया जाता है. अब इसमें बदलाव क्या जा रहा है. अगर ये मूवमेंट प्लेयर द्वारा जानबूझकर की जाती है, तो बल्लेबाज को पांच रन पेनल्टी के रूप में दिए जाएंगे

कुछ अन्य प्रमुख निर्णय: जनवरी 2022 में टी20अंतरराष्ट्रीय में शुरू की गई इन-मैच पेनल्टी, (जिसके तहत एक क्षेत्ररक्षण टीम निर्धारित समाप्ति समय तक अपने ओवरों को फेंकने में अगर विफल रहती है, तो एक अतिरिक्त क्षेत्ररक्षक को शेष ओवरों के लिए क्षेत्ररक्षण सर्कल के अंदर लाया जाता है), अब 2023 में आईसीसी मेन्स क्रिकेट वर्ल्ड कप सुपर लीग के पूरा होने के बाद एकदिनी मैचों में भी अपनाया जाएगा।

यह भी निर्णय लिया गया कि सभी पुरुषों और महिलाओं के एकदिवसीय और टी20 मैचों के लिए खेलने की शर्तों में संशोधन किया जाएगा, ताकि दोनों टीमों द्वारा सहमत होने पर हाइब्रिड पिचों का उपयोग किया जा सके। वर्तमान में, हाइब्रिड पिचों का उपयोग केवल महिला टी-20 अंतरराष्ट्रीय मैचों में ही किया जा सकता है।

आईसीसी क्रिकेट समिति में शामिल सदस्य इस प्रकार हैं: सौरव गांगुली (अध्यक्ष); रमिज़ राजा (पर्यवेक्षक); महेला जयवर्धने और रोजर हार्पर (पिछले खिलाड़ी); डेनियल विटोरी और वीवीएस लक्ष्मण (वर्तमान खिलाड़ियों के प्रतिनिधि); गैरी स्टीड (सदस्य टीम कोच प्रतिनिधि); जय शाह (पूर्ण सदस्य प्रतिनिधि); जोएल विल्सन (अंपायर प्रतिनिधि); रंजन मदुगले (आईसीसी चीफ रेफरी); जेमी कॉक्स (एमसीसी प्रतिनिधि); काइल कोएट्ज़र (एसोसिएट प्रतिनिधि); शॉन पोलक (मीडिया प्रतिनिधि); ग्रेग बार्कले और ज्योफ एलार्डिस (पदेन – आईसीसी अध्यक्ष और मुख्य कार्यकारी); क्लाइव हिचकॉक (समिति सचिव); डेविड केंडिक्स (सांख्यिकीविद्)।