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असम-प. बंगाल का गौरवशाली साझा इतिहास : केंद्रीय मंत्री सोनोवाल


कोलकाता, 26 फरवरी (हि.स.)। असम और पश्चिम बंगाल का सदियों पुराना गौरवशाली साझा इतिहास है। असम के कई महान शख्सियत कोलकाता विश्वविद्यालय में पढ़ने के लिए आए थे। केंद्रीय बंदरगाह, जहाजरानी, जलमार्ग और आयुष मंत्री सर्बानंद सोनोवाल ने शनिवार को नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ होम्योपैथी में आयोजित कार्यक्रम में यह बात कही।
उन्होंने कहा कि होम्योपैथी अध्ययन के लिए असम से प्रतिष्ठित हस्तियां कोलकाता आई थीं। सोनोवाल ने कहा कि असम से होने के बावजूद डॉ. भूपेन हजारिका का बंगाल में भी उतना ही सम्मान किया जाता है। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की दृष्टि विश्व स्तर पर आयुष आंदोलन का नेतृत्व कर रही है, जो मानव जाति के कल्याण के लिए भारत के पारंपरिक ज्ञान को दर्शाती है। मोदी के मार्गदर्शन से आयुष को जन-जन तक पहुंचाने का हमारा प्रयास निरंतर जारी है।

सोनोवाल ने कहा कि नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में, आयुष दवा भारत और दुनिया भर में लोकप्रियता प्राप्त कर रही है। हमें अपने देश को एक स्वस्थ भारत का ताज प्रदान करने के लिए इस अवसर का लाभ उठाना चाहिए। इसके लिए आयुष संस्थानों को – रोगी देखभाल और नैदानिक अनुसंधान दोनों में -स्वास्थ्य देखभाल के उपचारात्मक, निवारक, प्रचार और पुनर्वास पहलुओं में उत्कृष्टता बनाए रखने की दिशा में काम करना चाहिए। उन्होंने कहा कि सरकार हमारी पारंपरिक औषधीय प्रथाओं को फिर से जीवंत करने के लिए प्रतिबद्ध है और सर्वोच्च प्राथमिकता देती है।

सोनोवाल ने यह भी कहा कि पीएम गति शक्ति राष्ट्रीय मास्टर प्लान का उद्देश्य लोगों और कार्गो की आवाजाही के लिए निर्बाध मल्टी-मोडल कनेक्टिविटी बनाना है, जिसमें कनेक्टिविटी के लिए बाधाओं को दूर करने पर ध्यान केंद्रित किया गया है।

इस अवसर पर सोनोवाल ने घोषणा की कि आयुष मंत्रालय के तहत कोलकाता स्थित होम्योपैथी में उत्कृष्टता केंद्र की 300 करोड़ रुपये की उपग्रह इकाई को जल्द ही दिल्ली के नरेला में खोला जाएगा। उन्होंने कहा कि हम अनुसंधान और विकास पर अधिक ध्यान देने के साथ राष्ट्रीय होम्योपैथी संस्थान को विश्व स्तरीय केंद्र बनाना चाहते हैं। केंद्रीय मंत्री ने यह भी कहा कि पश्चिम बंगाल “होम्योपैथी का घर” है। “यही वह स्थान है जहां भारत में होम्योपैथी को पोषित और लोकप्रिय बनाया गया। “