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अपनी गिरफ्तारी पर जिग्नेश ने कहा- यह असम की संस्कृति के बिल्कुल विपरीत


कोकराझार (असम), 30 अप्रैल (हि.स.)। गुजरात के विधायक जिग्नेश मेवाणी शनिवार को अंततः पुलिस हिरासत से रिहा हो गये। बरपेटा रोड थाने में दर्ज मामले में जमानत मिलने के बाद जिग्नेश मेवाणी आज कोकराझार पहुंचे।

जिग्नेश मेवाणी कोकराझार जिला कारागार, जिला सत्र न्यायाधीश और सदर थाने में पेश होकर कुछ शेष औपचारिकताएं पूरी करने के बाद जिला कांग्रेस कार्यालय पहुंचे।

जिग्नेश मेवाणी का कोकराझार में कांग्रेस के स्थानीय नेताओं और कार्यकर्ताओं ने जोरदार स्वागत किया।

जिग्नेश मेवाणी ने इस दौरान मीडिया से बातचीत करते हुए अपनी गिरफ्तारी को लेकर कहा कि यह प्रधानमंत्री कार्यालय द्वारा चलाए गये साजिश का हिस्सा है। उन्होंने कहा कि असम पुलिस अपने राजनीतिक नेताओं के आदेश का पालन करते हुए उन्हें गिरफ्तार कर के यहां पर लाई थी।

कोकराझार सदर थाने में दर्ज एक मामले में जमानत मिलने के बाद दूसरे मामले में आरोप लगाने की घटिया साजिश की निंदा करते हुए महापुरुष शंकरदेव की धरती पर महिला उत्पीड़न जैसे फर्जी मामले में गिरफ्तारी असम की संस्कृति के बिल्कुल विपरीत है।

उन्होंने असम सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि इस तरह की गतिविधियों में शामिल होने की बजाय बेहतर है कि वह बिजली, बेरोजगारी जैसी समस्याओं का समाधान करने पर अपना ध्यान केंद्रित करे।

जिग्नेश मेवाणी ने अपनी गिरफ्तारी के विरोध में असम में मिले समर्थन के लिए सभी क्षेत्रों के लोगों का आभार ज्ञापित किया।

उल्लेखनीय है कि बरपेटा सत्र न्यायालय से जिग्नेश को शुक्रवार को ही जमानत मिल गयी थी। उनकी रिहाई शनिवार की सुबह हुई। जहां से कोकराझार में कुछ कानूनी औपचारिकताओं को पूरा करने के लिए वह बरपेटा से कोकराझार पहुंचे थे। आज शाम को कोकराझार से जिग्नेश गुवाहाटी पहुंचेंगे। जहां से गुजरात के लिए रवाना होंगे।