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अधूरी मांगों को पूरा करवाने के लिए सैंकड़ों बेरोजगार युवाओं ने किया विधानसभा का घेराव


जयपुर, 24 फरवरी (हि.स.)। राजस्थान बेरोजगार एकीकृत महासंघ के बैनर तले गुरुवार को प्रदेश के बेरोजगारों ने लंबित मांगों को लेकर एक बार फिर हुंकार भरी है और अपनी कई अधूरी मांगों को पूरा करवाने के लिए सैंकड़ों की संख्या में बेरोजगारों ने विधानसभा का घेराव किया।
राजस्थान बेरोजगार एकीकृत महासंघ के प्रदेश अध्यक्ष उपेन यादव ने बताया कि मुख्यमंत्री की ओर से बजट में एक लाख नौकरियों और चीटिंग सेल के गठन को लेकर उनका आभार जताया गया। इसके बावजूद भी उनकी कई मांगें लंबित है। उन्हीं मांगों को लेकर सैकड़ों बेरोजगारों के साथ विधानसभा का घेराव किया। एक साल पहले सरकार के साथ लिखित समझौता हुआ था और इसके बाद लखनऊ में समझौता हुआ। दोनों ही समझौतों की कई मांगे अधूरी हैं। कई भर्तियां लंबित हैं और कई भर्तियों में पद बढ़ाने की मांग सहित रीट परीक्षा की सीबीआई जांच कराने, रीट का डाटा सार्वजनिक करने, मंत्री सुभाष गर्ग को बर्खास्त करने, नकल रोकने के लिए गैर जमानती कानून लाने, भर्तियों में बाहरी राज्यों का कोटा कम करने, प्रतियोगी परीक्षा में इंटरव्यू प्रथा समाप्त करने और पीटीआई और पशुधन सहायक भर्ती में पद बढ़ाने की भी बेरोजगारों की ओर से मांग की जा रही है।
महापड़ाव पर बैठ गए सैंकड़ों बेरोजगार युवा
सरकार से अपनी अधूरी मांगों को पूरा करवाने के लिए सैंकड़ों बेरोजगारों ने महापड़ाव शुरू कर दिया है।
उपेन यादव ने कहा कि सरकार की कथनी और करनी में अंतर है। इसलिए अब राजस्थान के बेरोजगार सरकार से आर-पार की लड़ाई लड़ेंगे। सरकार जब तक हमारी मांगों को पूरा नहीं करती महापड़ाव जारी रहेगा।